थाना खन्ना के ग्राम ग्योड़ी में 12 अप्रैल 2011 को शाम पांच बजे मैयादीन यादव अपनी बेटी मंजू (15) और मधु (10) को जवारे दिखाने ले गया था। जवाराें की भीड़ में मंजू और मधु दोनाें बेटियां पिता से बिछड़ गईं, इसी बीच मारुति सवार राजू यादव, मुन्ना यादव निवासी छानीकला, पिंकू यादव, रामहेत यादव निवासी खरेला, चंदन सिंह निवासी ग्योड़ी सहित पांच असलहाधारी लोगाें ने मंजू को अगवा कर मारुति में डाल लिया और उसे ले गए। दो दिन तक परिजन मंजू की तलाश करते रहे। 15 अप्रैल 2011 को मैयादीन ने उक्त पांच लोगाें के खिलाफ थाना खन्ना में मुकदमा दर्ज कराया था। 16 अप्रैल को मंजू की राजू यादव के साथ जबरन शादी कराने के लिए चार पहिया वाहन से महोबा ले जाते समय पुलिस ने रास्ते में पकड़ लिया। न्यायाधीश ने शुक्रवार को दोनाें पक्षाें के गवाह और बहस सुनने के बाद अपहरण के मामले में पांचाें को चार साल की सजा, एक हजार रुपये का जुर्माना और जबरन शादी कराने के प्रयास करने के मामले में पांच साल की सजा और दो-दो हजार रुपए का जुर्माना ठाेंका। जुर्माना अदा न करने पर तीन-तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। मुकदमे की पैरवी सरकार पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पालीवाल ने की। आरोपियों को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया गया।