महोबा/श्रीनगर। शादी के लिए बार-बार पिता से कहने के बाद भी युवक की शादी न हुई तो उसने तमंचे से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। अब पिता को इसका पछतावा है।
ग्राम सिजरिया निवासी कंधी अहिरवार के तीन बेटे थे। सबसे बड़े बेटे रामपाल की चार साल पहले शादी हो गई। वह अपने परिवार के साथ अलग रहने लगा। दो साल पहले छोटे बेटे अर्जुन की शादी होने पर मंझले बेटे चंदू ने ऐतराज जताया और पहले उसकी शादी कराने की बात कही, लेकिन पिता ने बाद में शादी कराने की बात कहते हुए टाल दिया। एक साल से लगातार शादी के लिए पिता पर दबाव बनाने के बाद भी पिता ने कोई ध्यान नहीं दिया और अनसुनी करते रहे। अंत में आहत युवक चंदू (25) ने सोमवार को घर के पीछे जाकर पहले खूब शराब पी। इसके बाद तमंचे से पेट में नली लगाकर गोली मार ली। आवाज सुनकर परिवार के लोग दौड़ पड़े। जहां पर वह खून से लथपथ पड़ा था। आनन फानन में उसे जिला अस्पताल लाया गया। डाक्टरों ने मेडिकल कालेज झांसी रेफर कर दिया। देर रात झांसी ले जाते समय चंदू की रास्ते में मौत हो गई। पिता कंधी अहिरवार का कहना है कि उसका मंझला बेटा कामकाज में कम ध्यान देता था। वह बेटे को सही रास्ते पर लाने के लिए शादी नहीं कर रहे थे। अंदाजा नहीं था कि ऐसा कदम उठा लेगा।