महोबा। जिले में ई-नीलामी के जरिए चार माह पहले स्वीकृत हुए 74 खनन पट्टों के निष्पादन की प्रक्रिया में पट्टाधारक रुचि नही दिखा रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने पट्टाधारकों को दो दिन का समय दिया है। यदि पट्टों का निष्पादन नहीं कराया तो पट्टा निरस्तीकरण की कार्रवाई कर सिक्योरिटी जब्त करते हुए क्षेत्र रिक्त घोषित कर दिए जाएंगे। नई खनिज नीति लागू होने के बाद दिसंबर 2017 में पहाड़ों के खनन पट्टों का शासनादेश आया था। शासनादेश के तहत 100 से अधिक खनन पट्टे ई-नीलामी के जरिए स्वीकृत किए गए। जिलाधिकारी सहदेव ने बताया कि स्वीकृत खनन पट्टों के सापेक्ष 74 पट्टों की पर्यावरण एनओसी जारी की गई थी। जिसमें अभी तक कुल 40 खनन पट्टों ने ही निष्पादन की प्रक्रिया पूरी कराई लेकिन 34 पट्टाधारक इसमें रुचि नही दिखा रहे हैं। डीएम ने आदेश दिए है कि जो ई-नीलामी धारक पट्टेदार दो दिन के अंदर निष्पादन की कार्रवाई संपादित नहीं कराते उनकी जमा लाखों रुपये की सिक्योरिटी जब्त कर पट्टे निरस्त कर दिए जाएंगे और खनन क्षेत्र रिक्त घोषित कर दिया जाएगा। साथ ही ऐसे पट्टाधारक फिर से पात्र नहीं होंगे। डीएम के इस निर्देश से पट्टाधारकों में हड़कंप मचा हुआ है। उधर, जिला खनिज अधिकारी अंजनी कुमार सिंह का कहना है कि शेष पट्टाधारकों को फोन पर सूचना देकर बुलाया जा रहा है ताकि कोई सूचना मिलने की बहानेबाजी न हो सके।
दो दिन में स्वीकृत पट्टे निष्पादित न कराए तो होगी कार्रवाई