महोबा। किशोरी को बहला-फुसलाकर गाजियाबाद ले जाकर दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने मंगलवार को फैसला सुनाया। कोर्ट ने दोषी को 20 वर्ष कैद व 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
थाना अनजर के एक गांव निवासी युवक ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 31 अगस्त 2019 की दोपहर वह और परिवार के सभी लोग खेत पर गए थे। उसकी 15 वर्षीय पुत्री घर पर अकेली थी। उसी दौरान मध्यप्रदेश के जनपद टीकमगढ़ के लारौन गांव निवासी प्रेमचंद्र कुशवाहा बाइक से उसके घर आया और पुत्री को बहला-फुसलाकर ले गया। पुत्री अपने साथ जेवर व 25 हजार नकदी ले गई थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। थाना अजनर पुलिस ने गाजियाबाद से किशोरी को बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। पीड़िता ने बयान दर्ज कराते हुए बताया कि घर से ले जाने के बाद प्रेमचंद्र ने एक दिन उसे अपने गांव लारौन में रखा। दूसरे दिन गाजियाबाद ले जाकर किराये के कमरे में उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। अपर सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश पॉस्को अधिनियम कु. अलका चौधरी ने मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया। मुकदमे की पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा व अमन कुमार सिंह ने बताया कि अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतना पड़ेगी।