महोबा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 15 फरवरी को प्रस्तावित झांसी दौरे से पहले पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग संसद में भी मुखर हो गई। हमीरपुर-महोबा-तिंदवारी क्षेत्र के भाजपा सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल ने शुक्रवार को लोकसभा में अलग राज्य का मुद्दा उठाया। उन्होंने शून्यकाल में छोटे राज्यों के निर्माण के लिए राष्ट्रीय बोर्ड गठित करने की मांग भी की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बुंदेलखंड दौरे से ठीक पहले संसद में मुद्दा उठने से अनशनकारियों के आंदोलन को नई संजीवनी मिली है। अलग राज्य की मांग को लेकर आल्हा चौक पर पिछले 226 दिन से लगातार अनशन पर बैठे बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर व बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय उपाध्यक्ष सुखनंदन सिंह यादव ने कहा कि विधानसभा के शीतकालीन सत्र में बुंदेलखंड के सभी 19 विधायकों ने जोर शोर से अलग राज्य की मांग उठाई। संसद के शीतकालीन सत्र में बुंदेलखंड राज्य का मुद्दा उठाने के लिए हम लोगों ने सांसद आवास पर धरना-प्रदर्शन कर घेराव किया। उन्होंने कहा कि सबसे अच्छी बात तो ये हैं कि सांसद पुष्पेंद्र चंदेल ने बुंदेलखंड राज्य का मुद्दा उस समय उठाया जब प्रधानमंत्री बुंदेलखंड आने वाले हैं और झांसी में बुंदेलखंड संयुक्त मोर्चा 10 फरवरी से सत्याग्रह शुरू करने जा रहा है।
संसद में उठी बुंदेलखंड राज्य की मांग
प्रधानमंत्री के दौरे से पहले क्षेत्रीय सांसद ने उठाया मुद्दा
सांसद की इस पहल से आंदोलन को मिली संजीवनी