कबरई (महोबा)। कस्बा कबरई में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन भगवान कृष्ण और सुदामा चरित्र की कथा सुनकर भक्त भावविभोर हो गए। आचार्य मुकुल कृष्ण शास्त्री ने कहा कि गुरु के साथ कपट और मित्र के संग चोरी करने वाला बहुत बड़ा दरिद्र बन जाता है। हमें गुरु और मित्र के साथ कभी छल कपट नहीं करना चाहिए। सुदामा और भगवान कृष्ण की बालपन की मित्रता निस्वार्थ, निष्कपट प्रेम की मित्रता थी। कथा के दौरान ‘सुनते ही दौड़े चले आए मोहन, लगाया गले से सुदामा को मोहन...’ भजन सुनकर महिलाएं झूमने पर मजबूर हो गई। कथा के दौरान राधा-कृष्ण और सुदामा के किरदारों ने सजीव चित्रण किया। कथा में जागेश्वर अग्निहोत्री, अभिमन्यु सिंह, अजय, पूर्व विधायक अरिमर्दन सिंह, धनंजय, हिमाचल सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
गुरु और मित्र के साथ कभी न करें कपट