महोबा। किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाया। दोषसिद्ध होने पर अभियुक्त को दस वर्ष के कारावास व 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा न करने पर चार माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया।
थाना श्रीनगर के एक गांव निवासी 16 वर्षीय किशोरी को गांव का ही शादीशुदा युवक 25 जनवरी 21 को बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। किशोरी की मां ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोपी संतोष उर्फ झुन्नू अहिरवार किशोरी को दिल्ली में रखकर दुष्कर्म करता रहा। जिसके बाद पीड़िता बरामद हुई और डॉक्टरी परीक्षण कराने के बाद बयान दर्ज कराए गए। डॉक्टरी परीक्षण के आधार पर दुष्कर्म व पॉस्को एक्ट की धारा में बढ़ोत्तरी की गई। अदालत ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म समेत विभिन्न धाराओं में आरोप तय किए।
अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश पॉस्को अधिनियम) कु. अलका चौधरी ने मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया। मुकदमे की पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा व अमन कुमार सिंह ने बताया कि दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त संतोष उर्फ झुन्नू अहिरवार को दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।