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शिंदे-फडणवीस का अयोध्या दौरा : सीएम नहीं भक्त के रूप में नजर आए एकनाथ शिंदे, राममंदिर निर्माण देख हुए अभिभूत

Sun, 09 Apr 2023 09:04 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या पहुंच गए हैं। उनके साथ महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फड़णवीस भी अयोध्या आए हैं।
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शिंदे फडणवीस ने किए रामलला के दर्शन - फोटो : ट्विटर
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विस्तार
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को रामनगरी अयोध्या में आठ घंटे बिताए। इस दौरान वह मुख्यमंत्री नहीं बल्कि भक्त के रूप में अपने आप को प्रदर्शित करते दिखे। उन्होंने रामलला सहित हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया तो मां सरयू की भी आरती उतारी।

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एकनाथ शिंदे अपनी सरकार के 13 मंत्रियों, कई सांसदों, विधायकों व पदाधिकारियों के साथ पूर्वाह्न 11 बजे रामकथा पार्क स्थित हैैलीपैड पर उतरे। यहां उत्तरप्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने उनकी अगवानी की। हजारों की संख्या में मौजूदा शिवसेना के समर्थकों ने अपने नेता का जोरदार स्वागत किया। यहां से शिंदे कुछ दूर तक पैदल चलकर कायकर्ताओं का अभिवादन लिया इसके बाल खुुली जीप में रामकथा पार्क से सीधे रामजन्मभूमि पहुंचे।

तय कार्यक्रम के मुताबिक शिंदे को रामकथा पार्क से पहले पंचवटी होटल जाना था लेकिन उन्होंने सबसे पहले रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। उन्होंने उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस व उत्तरप्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह के साथ रामलला के दरबार में नतमस्तक होकर आरती-पूजन किया। इसके बाद श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ.अनिल मिश्र ने सीएम शिंदे को राममंदिर निर्माण की प्रगति से अवगत कराया। निर्माणाधीन गर्भगृह स्थल पर सीएम ने शीश नवाया।
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मंदिर के दरवाजे के लिए भेंट की सागौन की लकड़ी
ट्रस्टी डॉ.अनिल मिश्र ने बताया कि गर्भगृह में लगने वाली सागौन की लकड़ी भी सीएम ने भेंट की है। साथ ही रामलला को चांदी का धनुष-बाण भी अर्पित किया है। रामलला व हनुमानगढ़ी के दर्शन के बाद सीएम शिंदे ने शाम को सरयू घाट पर मां सरयू की 1051 बत्ती की महाआरती उतारी। यहां धनुष-बाण का पूजन भी किया। आंजनेय सेवा संस्थान के अध्यक्ष महंत शशकिांत दास की ओर से आरती का अनुष्ठान कराया गया।

हनुमानगढ़ी में किया कलश पूजन, उतारी आरती
सीएम एकनाथ शिंदे ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाने के बाद हनुमंतलला के दरबार में माथा टेका। यहां उन्होंने कलश पूजन कर आरती उतारी। हनुमानगढ़ी के प्रवेश द्वार पर संक्षिप्त सभा का भी आयोजन किया गया। यहां हनुमानगढ़ी के पुजारी राजू दास, हेमंत दास व राज ठाकरे का विरोध करने वाले सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे व उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस का अभिनंदन किया।
संक्षिप्त सभा में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि मैं यहा नेता नहीं बल्कि रामभक्त बनकर आया हूं। उन्होंने मंदिर निर्माण की खुशी जाहिर करते हुए कहा कि बाला साहब का सपना आज साकार होते देखना सुखद है। उन्होंने कांग्रेस पर यह कहते हुए हमला बोला कि लोग यह आरोप लगाते थे कि मंदिर निर्माण की तारीख नहीं बताएंगे और आज जब मंदिर बन रहा है तो ऐसे सवाल करने वालों को घर का रास्ता भी दिखा दिया गया है। वहीं उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने कहा कि जो राम की बात करेंगे वही देश पर राज करेंगे। जो राम के अस्तित्व को नकार रहे थे वे महाराष्ट्र से सत्ता में बाहर हो गए और आज राम को मानने वालों की सरकार है।

परमहंस की समाधिस्थल पर अर्पित की श्रद्धांजलि
राम नगरी में प्रवेश करने के बाद एकनाथ शिंदे ने सबसे पहले राममंदिर आंदोलन के महानायक परमहंस रामचंद्र दास को नमन किया। सरयू तट स्थित उनके समाधिस्थल पर पुष्पांजलि अर्पित की। यहां समाधिस्थल के व्यवस्थापक आचार्य नारायण मिश्र, संत वरूण दास आदि ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
जैन मंदिर में ज्ञानमती माता से लिया आशीर्वाद

हनुमानगढ़ी से निकलने के बाद मुख्यमंत्री शिंदे रायगंज स्थित जैन मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान ऋषभदेव के की 31 फीट ऊंची प्रतिमा के समक्ष अपनी आस्था निवेदित की। साथ ही गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माता से आशीर्वाद लिया। जैन मंदिर के पीठाधीश स्वामी रवींद्र कीर्ति ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।

परमहंसाचार्य ने भेंट किया सोने का धनुष बाण
जगद्गुरू परमहंसाचार्य ने पंचवटी में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से भेंट की। वे शिंदे के विशेष बुलावे पर पंचशील पहुंचे थे। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री को 14 लाख की कीमत का सोने का धनुष व चांदी का बाण भेंट किया। साथ ही गदा देकर उनका अभिनंदन किया। शिंदे ने भी परमहंसाचार्य के प्रति पूरी निष्ठा अर्पित की।

 

रामलला के दर्शन के दौरान रोके जाने से महाराष्ट्र के मंत्री हुए नाराज, तब मिला प्रवेश

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे - फोटो : अमर उजाला
महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे के दौरे के दौरान तमाम जगह अव्यवस्थाएं नजर आई। रामलला के दर्शन के दौरान सीएम के साथ दर्जन भर मंत्री क्षीरेश्वर नाथ मंदिर स्थित प्रवेश द्वार पर कई मंत्री व विधायक को सुरक्षा बलों ने अंदर जाने से रोक दिया। इस दौरान एक मंत्री सुरक्षा बल से भिड़ गया, कहा कि मैं भी मंत्री हूं, अंदर जाने दीजिए। वहां मौजूद कई लोगों के हस्ताक्षेप करने पर उन्हें अंदर जाने दिया गया।

रामलला परिसर में सिर्फ मुख्यमंत्री की गाड़ी अंदर गई, शेष वाहनों को बाहर गेट पर ही रोक दिया गया। इस दौरान कई मंत्री, सांसद व विधायक अंदर जाने से वंचित रह गए। कुछ मंत्रियों ने अपना हवाला देते हुए अंदर जाने की अनुमति चाही लेकिन सुरक्षा बलों ने नियमों का हवाला देते हुए मना कर दिया। इसकी सूचना अधिकारियों को दी गई तब जाकर मंत्रीगण के वाहनों को अंदर जाने दिया गया।

वहीं, हनुमानगढ़ी पर भी अपरा तफरी का माहौल रहा, महाराष्ट्र से आए शिवसेना के नेता, पदाधिकारी, कार्यकर्ता समेत तमाम विधायक सीएम को अपना चेहरा दिखाने के लिए धक्का मुक्की करने लगे। इससे कुछ देर स्थित असहज हो गई। मौके पर मौजूद आईजी प्रवीण कुमार, एसएसपी मुनिराज जी ने मोर्चा संभाला व भीड़ को पीछे किया। इस दौरान कुछ लोग गिरने से भी बचे।

सख्त रही सुरक्षा व्यवस्था, शहर में वाहनों की रही नो एंट्री
अपने मंत्रियों के साथ अयोध्या आए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम रहे। शहर में रूट डायवर्जन लागू किया गया था, सुबह आठ बजे से ही मुख्य मार्ग पर किसी तरह के वाहनों को प्रवेश नहीं दिया गया। जगह-जगह बैरियर लगाकर वाहनों को मुख्य मार्ग पर नहीं आने दिया गया। हनुमानगढ़ी मंदिर पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रहे। सीएम के दर्शन पूजन के दौरान आम श्रद्घालुओं का मंदिर में प्रवेश रोक दिया गया। रायगंज जैन मंदिर के आसपास भी सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रही। देवकाली बाईपास स्थित पंचशील होटल में प्रेसवार्ता के दौरान किना पास दिखाएं किसी को अंदर नहीं जाने दिया, इसकी चपेट में कई पत्रकार भी आए, जो पुलिस से उलझते नजर आए। निर्धारित कार्यक्रम स्थल लक्ष्मण किला, सरयू घाट पर वरिष्ठ अधिकारी समेत सुरक्षा बलों की तैनाती रही। शाम करीब सात बजे उनकी वापसी के बाद यातायात सामान्य हो सका। सुरक्षा व्यवस्था में आईजी, एसएसपी समेत एसपी सिटी मधुबन सिंह, एसपी ग्रामीण अतुल सोनकर, सीओ अयोध्या एसपी गौतम, सीओ सिटी शैलेंद्र सिंह समेत अन्य अधिकारी तैनात रहे।

शिवसैनिकों में दिखा जोश, गूंजा जयघोष

जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अधिकारियों के साथ - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगवानी करने के लिए महाराष्ट्र से पांच हजार शिवसैनिक शनिवार की देर रात ही अयोध्या पहुंच चुके थे। मुख्यमंत्री के अयोध्या पहुंचते ही शिवसैनिकों में जबरदस्त ऊर्जा का संचार होता दिखा। जय शिवानी, जय भवानी, जय शिवानी के साथ-साथ जय श्रीराम के भी नारे लगाए।

मुख्यमंत्री के स्वागत में हाईवे से लेकर पूरी अयोध्या यहां तक की राममंदिर का इलाका भी पोस्टर, बैनर व भगवा झंडों से सजा था। शिवसैनिकों ने रविवार की सुबह से ही सरयू स्नान व प्रमुख मंदिरों हनुमानगढ़ी, रामलला आदि में दर्शन-पूजन प्रारंभ कर दिया था। रामकथा पार्क, रामजन्मभूमि दर्शन मार्ग व हनुमानगढ़ी में अपने नेता की एक झलक पाने के लिए शिव सैनिकों में खासा उत्साह दिखा। हनुमानगढ़ी पर हजारों की संख्या में प्रचंड धूप में शिवसैनिक मराठी गीतों पर जमकर नाचते-थिरकते रहे। हनुमानगढ़ी के प्रवेश द्वार पर एलईडी टीवी व छोटा मंच बनाकर शिवसैनिक श्रीराम की जयजयकार करते रहे। हनुमानगढ़ी पहुंचने पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने भी अपने शिवसैनिकों का अभिवादन किया तो हनुमानगढ़ी परिसर जयकारों से गूंज उठा।

रामलला के दर्शन व राममंदिर निर्माण कार्य का साक्षी बनकर शिवसैनिक निहाल नजर आए। नासिक महाराष्ट्र से आए शिवसैनिक सोपाल देवकर, भाउ साहब व सुरेश पवार ने कहा कि एकनाथ शिंदे हिंदुत्व का चेहरा हैं। शिंदे सरकार हिंदुत्व के लिए काम कर रही है। हम सभी ने राममंदिर निर्माण कार्य देखा, निर्माण कार्य का साक्षी बनकर हम सभी निहाल हैं। बापू कुशारे ने कहा कि हमारे पूर्वज मंदिर आंदोलन का हिस्सा रहे हैं, हम मंदिर निर्माण के साक्षी बनकर स्वयं को गौरवशाली मान रहे हैं।
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अयोध्या में महाराष्ट्र भवन बनवाने का ऐलान

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि अयोध्या और राम मंदिर हमारी आस्था का विषय है। यह हमारी भावनाओं, श्रद्धा और अस्मिता से भी जुड़ा है। अयोध्या हमारे लिए आत्मीयता का विषय है। दिल में खुशी की लहर है कि 500 साल का इंतजार करने के बाद सपना सच हुआ। हिंदू हृदय सम्राट बाला साहब ठाकरे का भी यह सपना था। शिंदे ने कहा कि राम मंदिर हिंदू आस्था व अस्मिता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अयोध्या पहुंचकर मंदिर निर्माण भी देखा। इतनी तेजी से काम होगा, कोई सोच भी नहीं सकता था। आज राम मंदिर पूरा होने जा रहा है, यह सपना लग रहा था लेकिन तमाम राम भक्तों की आशा-सपना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह काम शुरू हुआ और आगे बढ़ रहा है। जनवरी 2024 में मूर्ति स्थापना भी होगी। इसके आगे भी काम चलता रहेगा। राम मंदिर परिसर में अनुभव मिला कि राम मंदिर का निर्माण आगे बढ़ रहा है। यह हमारे लिए और ज्यादा खुशी की बात है। 

यह दिन जिंदगी में कभी भूल न पाऊंगा
मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राम मंदिर का निर्माण हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनका सहयोग कर रहे हैं। उनकी निगरानी में मंदिर का निर्माण हो रहा है। हमें धनुष बाण भी मिला है, पार्टी का नाम भी मिला है। मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार मैं प्रभु रामलला का आशीर्वाद लेने पहुंचा हूं। सभी मेरे साथी मंत्री गण, विधायक गण, सांसद गण मौजूद है। आज का दिन मेरे जीवन में सबसे बड़ा सौभाग्य का दिन है। आज का दर्शन व यात्रा मैं जिंदगी में कभी भूल नहीं पाऊंगा। इससे पहले भी मैं आता था, नियोजन करने आता था लेकिन आज मेरे कार्यकर्ताओं ने इस यात्रा का शानदार आयोजन किया है। महाराष्ट्र की पूरी सरकार अयोध्या में आई है। हमारे उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी आए थे। संत महंत का आशीर्वाद भी लूंगा। कई लोगों को इससे एलर्जी और दर्द भी हुआ है।

विकास कार्यों को लेकर सीएम योगी को दिया धन्यवाद
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि शिवसेना और भाजपा के लिए अयोध्या राजनीतिक मुद्दा नहीं है। यह हमारे लिए आस्था का विषय है। यहां पर विकास के कार्य हो रहे हैं। सीएम योगी और उनके मंत्रियों को भी धन्यवाद दूंगा। राम मंदिर बनने के बाद लोगों को रोजी-रोटी भी मिलेगी। हमारी अयोध्या यात्रा आनंद देने वाली है, लेकिन कुछ लोग हैं जिनको तकलीफ होती है।

2014 में हिंदुत्व की सरकार आई है
सीएम शिंदे ने कहा कि आजादी के बाद भी कुछ लोग जानबूझकर हिंदुत्व का अपमान कर रहे थे। गलतफहमी फैला रहे थे। हिंदुत्व जीवन प्रणाली है, सभी को साथ लेकर चलने वाला हमारा हिंदू धर्म है। हिंदू अन्य धर्मों का अनादर करने वाला नहीं, बल्कि सबको साथ लेकर चलने वाला है। 2014 में हिंदुत्व की सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आई है। समाज में जन जागरण हुआ, सम्मान मिला। हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे कहते थे कि गर्व से कहो हम हिंदू हैं। शिवसेना और भाजपा की विचारधारा एक है। 2019 में लोगों के दिल में बात थी कि महाराष्ट्र में शिवसेना-भाजपा की सरकार बने, साथ में चुनाव लड़े थे। चुनाव लड़ने के बाद लोगों की अपेक्षा थी कि सरकार भाजपा शिवसेना की बनेगी लेकिन लालच में कुछ लोगों ने गलत कदम उठाया पर हम लोगों ने 8-9 महीने पहले इसको सुधार दिया। जो अपेक्षा थी हमने वही सरकार स्थापित की।

मोदी ने मंदिर भी बना दिया और तारीख भी बता दिया
सीएम शिंदे ने कहा कि हम दोनों की विचारधारा को लेकर अयोध्या में दर्शन के लिए आए हैं। पहले कई लोग कहते थे कि पहले मंदिर, फिर सरकार लेकिन जिन्होंने राम मंदिर का विरोध किया। वे कुछ नहीं कर पाए, पर बाला साहब ठाकरे का सपना पूरा करने का काम पीएम मोदी ने किया है। लोग कहते थे न मंदिर बनाएंगे और न ही तारीख बताएंगे। मोदी ने मंदिर भी बना दिया और तारीख भी बता दिया। 

मैं एयर कंडीशन ऑफिस में बैठकर काम करने वाला मुख्यमंत्री नहीं हूं
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कुछ लोग 14 वर्ष  वनवास पर गए। उनके पिताजी की जो मंशा थी, जो सपना था। उसके खिलाफ जाकर सत्ता की लालच में क्या-क्या किया। आप आरोप लगाते जाइए हम काम से जवाब देंगे। हमने कई ऐसे निर्णय लिए हैं, जो पिछले सरकारों ने नहीं लिए। हमारी सरकार किसानों, कामगारों की है। हमारी सरकार महिला, गरीब व जनता की है। मैं एसी ऑफिस और घर में बैठकर काम करने वाला मुख्यमंत्री नहीं हूं। मैं फील्ड में जाकर काम करता हूं। सब जानते हैं यह आदमी जमीन से जुड़ा हुआ है। अयोध्या से हमारा पुराना रिश्ता है। कार्य सेवा की है। ठाकरे साहब का जो रिश्ता व नाता अयोध्या से है, वह राजनीतिक नहीं, भावनात्मक है। शिंदे ने हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र भवन अयोध्या में बनाए जाने का  ऐलान किया।
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