फरेंदा। ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा देने के लिए फरेंदा क्षेत्र के पिपरामौनी में करीब दस करोड़ की लागत से बना आईटीआई कॉलेज मात्र दिखावा साबित हो रहा है। क्षेत्र के युवा काॅलेज में शिक्षा ग्रहण के लिए इंतजार कर रहे हैं। करीब एक वर्ष से ज्यादा का समय बीत गया लेकिन अभी तक कॉलेज में प्रवेश नहीं शुरू हो सका है। ऐसे में युवाओं के सामने भविष्य अंधकार मय दिख रहा है।
फरेंदा क्षेत्र के पिपरामौनी गांव में दस करोड़ की लागत से तकनीकी शिक्षा के लिए आईटीआई कॉलेज की स्थापना शासन द्वारा कराया गया है, जिसका भवन व अन्य सामग्री बनकर पूरी तरह से तैयार भी है। भवन बनने के बाद युवाओं को शीघ्र शिक्षा ग्रहण करने की आस जगी थी, लेकिन करीब दो वर्ष हो गए युवा तकनीकी शिक्षा के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। जबकि काॅलेज बनवाने वाली कार्यदायी संस्था ने पीडब्ल्यूडी को काम पूरा करके हैंडओवर भी करा दिया है। युवाओं को उम्मीद है कि शीघ्र शिक्षा मिलने का काम शुरू हो जाएगा।
क्षेत्र के छात्र दीपक गुप्ता ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को तकनीकी शिक्षा के लिए दूर दराज शहर में जाना पड़ता है, अब नजदीक कॉलेज होने से राहत मिलेगी। गौरव अग्रहरि ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में आईटीआई कालेज बनवाना सराहनीय कदम है, लेकिन बनने के बाद शुरू न होना गंभीर विषय है। युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा देने का काम जल्द शुरू होना चाहिए। क्षेत्र के अंकुर मिश्रा ने बताया कि तकनीकी शिक्षा देने के लिए ग्रामीण स्तर पर आईटीआई काॅलेज का स्थापना कराना बेहद सराहनीय है। इसमें जल्द युवाओं को रोजगार परक शिक्षा मिले तो क्षेत्र की तरक्की होगी, लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण युवा अभी भी तकनीकी शिक्षा पाने से दूर हैं।
बिल्डिंग व अन्य सुविधाओं की जांच के बाद जल्द कॉलेज में शिक्षा का कार्य शुरू होगा। इसके लिए विभागीय बातचीत चल रही है। युवाओं की सुविधा के लिए शीघ्र पठन-पाठन शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है।
-रमेश कुमार, एसडीएम फरेंदा