ड्राइवर का शव मिट्टी में दबा मिला, हाथ बंधे थे, पुलिस कहती है डूबने से हुई मौत, विसरा सुरक्षित, जांच के लिए भेजा
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। शायद ही कोई मानेगा कि कोई युवक अपने हाथ बांधकर खुद को मारेगा और शव को दबा देगा, मगर पुलिस ऐसा ही मानती है। तीन महीने से गायब ड्राइवर का शव मिलने के बाद से परिवार इसे रंजिशन हत्या का मामला बता रहा है, मगर पुलिस इसे डूबने से हुई मौत मान रही है। रात तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट बताने के बजाए टालमटोल के बाद पुलिस ने बताया कि िवसरा सुरक्षित करके जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी मानने को तैयार नहीं है कि यदि डूबने से मौत हुई तो शव गड्ढे में कैसे दबा मिला? यह भी दबाया जा रहा है कि मृतक के दोनों हाथ पीछे बंधे मिले थे।
मटरा धमउर गांव के धर्मेंद्र भारती की मौत कब हुई थी। कैसे हुई थी। इसकी जांच-पड़ताल करने के बजाय पुलिस बता रही है कि ड्राइवर की मौत डूबने से हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट के कोई निशान नहीं मिले। विसरा जांच के लिए भेजा गया है। मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। रिपोर्ट आने के बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
धर्मेंद्र भारती 31 दिसंबर 2022 को घर से निकले तो वापस नहीं आए थे। परिजनों ने पांच जनवरी को गुमशुदगी दर्ज कराई तो पुलिस ने आगे की जांच-पड़ताल मुनासिब नहीं समझा। शुरुआत से ही युवक के परिजन हत्या की आशंका जता रहे थे लेकिन पुलिस ने ध्यान नहीं दिया।
घटनास्थल पर पहुंचे धर्मेंद्र के पिता हरिलाल का आरोप है कि बेटे की हत्या कर नहर में शव को फेंका गया है। उसके दोनों हाथ पीछे की तरफ बंधे थे। क्या ऐसा हो सकता है कि कोई अपने हाथ बांधकर खुद मिट्टी में दब सकता है। उधर, निचलौल क्षेत्राधिकारी सूर्यबली मौर्य ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कोई चोट के निशान नहीं मिले हैं। विसरा प्रिजर्व कर जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
उधर, धर्मेंद्र के घर पहुंचे रिश्तेदार उसके परिजनों को ढांढस बंधाने में लगे हुए हैं।
मिट्टी में दबे शव का कुत्तों ने दिया था संकेत
करमहिया गांव के ग्रामीणों ने कहा कि नहर में पानी सूखने के बाद हर रोज की तरह शुक्रवार को भी बच्चे वॉलीबाॅल खेल रहे थे। इसी बीच नहर में कुछ कुत्ते भी दौड़ लगा रहे थे। इसी बीच कुत्ते अचानक नहर में मिट्टी से दबे युवक का शव पंजे से खोदने लगे। इसपर नजर पड़ी तो लोगों ने कुत्तों को भगाकर पुलिस को सूचना दी।
बड़ा बेटा अलग है, छोटा ही करता था देखभाल
निचलौल। भारत-नेपाल बॉर्डर से सटे मटरा धमउर के रहने वाले हरिलाल ने बताया कि पत्नी की मौत और बड़े बेटे गोधन के अलग रहने के बाद से छोटा बेटा धर्मेंद्र (22) बुढ़ापे का सहारा बना था। जेसीबी चलाकर मेरा इलाज कराने के साथ ही घर की अन्य आवश्यकताओं को भी पूरा करता था। अब मेरी देखभाल कौन करेगा। बेटा 25 दिसंबर 2022 को सदर कोतवाली क्षेत्र के भिसवा से जेसीबी मशीन चलाकर घर आया था। परिवार में सब कुछ अच्छे से बीत रहा था। 31 दिसबंर की रात करीब 10 बजे बेटा पड़ोस के एक युवक के साथ घर से अचानक निकल गया था। पुलिस मामले में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर बेटे की खोज खबर लेना भूल गई। शुक्रवार शाम करीब छह बजे पुलिस से जानकारी मिली कि करमहिया गांव के सामने निचलौल-झुलनीपुर नहर में मिट्टी से दबा बेटे का शव मिला है। मौके पर पहुंचा तो बेटे के शव को देखकर अचेत होकर गिर पड़ा।
पहले पत्नी अब छोटे बेटे की मौत
हरिलाल के दो बेटे धर्मेंद्र भारती और गोधन के अलावा तीन बेटियां उर्मिला, गुड्डी और पूनम हैं। बच्चे छोटे थे। इसी बीच पत्नी फूलमती की बीमारी से मौत हो गई। उसके बाद उन्होंने मजदूरी कर तीन बड़ी बेटियों और बड़े बेटे की शादी की। तीनों बेटियों के ससुराल जाने के कुछ दिन बाद ही बड़ा बेटा गोधन भी अलग हो गया। इसी बीच पिछले वर्ष लकवा मार दिया। इसके बाद छोटा बेटा धर्मेंद्र जेसीबी मशीन चलाकर उनका इलाज कराने के साथ ही घर की अन्य आवश्यकताओं को पूरा करता था। अब छोटे बेटे की मौत के बाद उन्हें आगे की जिंदगी काटने की चिंता सताने लगी है।
बेटे का घर बसाने का सपना रह गया अधूरा
धर्मेंद्र भारती की मौत के बाद पिता हरिलाल ने बिलखते हुए कहा कि पत्नी की मौत के बाद तीन बेटियों के साथ एक बेटे का घर बसा दिया था। छोटे बेटे की भी अगले साल शादी कर घर बसाने की सपना संजोए थे। यह बेटे की मौत के बाद अब अधूरा रह गया।
पुलिस की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार
पुलिस ने मृत युवक धर्मेंद्र भारती के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद शनिवार शाम करीब छह बजे परिजनों की मौजूदगी में झुलनीपुर नहर स्थित अमड़ी पुल के पास अंतिम संस्कार कर दिया।
ड्राइवर का शव मिट्टी में दबा मिला, हाथ बंधे थे, पुलिस कहती है डूबने से हुई मौत, विसरा प्रिजर्व, जांच के लिए भेजा
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महराजगंज। क्या ऐसा भी हो सकता है कि कोई अपने हाथ खुद बांधे और मिट्टी में दब जाए। लेकिन पुलिस यह कह रही है कि ड्राइवर ने अपने हाथ बांधे, खुद को मारा और गड्ढे में दब गया। निचलौल थाना क्षेत्र के करमहिया गांव के सामने देवरिया शाखा नहर में शुक्रवार देर शाम मिट्टी में दबा धर्मेंद्र भारती का शव मिला था।
मटरा धमउर गांव के धर्मेंद्र भारती की मौत कब हुई थी। कैसे हुई थी। इसकी जांच-पड़ताल करने के बजाय पुलिस बता रही है कि ड्राइवर की मौत डूबने से हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट के कोई निशान नहीं मिले। विसरा जांच के लिए भेजा गया है। मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। रिपोर्ट आने के बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
धर्मेंद्र भारती 31 दिसंबर 2022 को घर से निकले तो वापस नहीं आए थे। परिजनों ने पांच जनवरी को गुमशुदगी दर्ज कराई तो पुलिस ने आगे की जांच-पड़ताल मुनासिब नहीं समझा। शुरुआत से ही युवक के परिजन हत्या की आशंका जता रहे थे लेकिन पुलिस ने ध्यान नहीं दिया।
घटनास्थल पर पहुंचे धर्मेंद्र के पिता हरिलाल का आरोप है कि बेटे की हत्या कर नहर में शव को फेंका गया है। उसके दोनों हाथ पीछे की तरफ बंधे थे। क्या ऐसा हो सकता है कि कोई अपने हाथ बांधकर खुद मिट्टी में दब सकता है। उधर, निचलौल क्षेत्राधिकारी सूर्यबली मौर्य ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कोई चोट के निशान नहीं मिले हैं। विसरा प्रिजर्व कर जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
उधर, धर्मेंद्र के घर पहुंचे रिश्तेदार उसके परिजनों को ढांढस बंधाने में लगे हुए हैं।
कुत्तों ने संकेत दिया मिट्टी से दबा है शव
करमहिया गांव के ग्रामीणों ने कहा कि नहर में पानी सूखने के बाद हर रोज की तरह शुक्रवार को भी बच्चे वॉलीबाॅल खेल रहे थे। इसी बीच नहर में कुछ कुत्ते भी दौड़ लगा रहे थे। इसी बीच कुत्ते अचानक नहर में मिट्टी से दबे युवक का शव पंजे से खोदने लगे। इसपर नजर पड़ी तो लोगों ने कुत्तों को भगाकर पुलिस को सूचना दी।
बड़ा बेटा अलग है, छोटा ही करता था देखभाल
निचलौल। भारत-नेपाल बॉर्डर से सटे मटरा धमउर के रहने वाले हरिलाल ने बताया कि पत्नी की मौत और बड़े बेटे गोधन के अलग रहने के बाद से छोटा बेटा धर्मेंद्र (22) बुढ़ापे का सहारा बना था। जेसीबी चलाकर मेरा इलाज कराने के साथ ही घर की अन्य आवश्यकताओं को भी पूरा करता था। अब मेरी देखभाल कौन करेगा। बेटा 25 दिसंबर 2022 को सदर कोतवाली क्षेत्र के भिसवा से जेसीबी मशीन चलाकर घर आया था। परिवार में सब कुछ अच्छे से बीत रहा था। 31 दिसबंर की रात करीब 10 बजे बेटा पड़ोस के एक युवक के साथ घर से अचानक निकल गया था। पुलिस मामले में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर बेटे की खोज खबर लेना भूल गई। शुक्रवार शाम करीब छह बजे पुलिस से जानकारी मिली कि करमहिया गांव के सामने निचलौल-झुलनीपुर नहर में मिट्टी से दबा बेटे का शव मिला है। मौके पर पहुंचा तो बेटे के शव को देखकर अचेत होकर गिर पड़ा।
पहले पत्नी अब छोटे बेटे की मौत
हरिलाल के दो बेटे धर्मेंद्र भारती और गोधन के अलावा तीन बेटियां उर्मिला, गुड्डी और पूनम हैं। बच्चे छोटे थे। इसी बीच पत्नी फूलमती की बीमारी से मौत हो गई। उसके बाद उन्होंने मजदूरी कर तीन बड़ी बेटियों और बड़े बेटे की शादी की। तीनों बेटियों के ससुराल जाने के कुछ दिन बाद ही बड़ा बेटा गोधन भी अलग हो गया। इसी बीच पिछले वर्ष लकवा मार दिया। इसके बाद छोटा बेटा धर्मेंद्र जेसीबी मशीन चलाकर उनका इलाज कराने के साथ ही घर की अन्य आवश्यकताओं को पूरा करता था। अब छोटे बेटे की मौत के बाद उन्हें आगे की जिंदगी काटने की चिंता सताने लगी है।
बेटे का घर बसाने का सपना रह गया अधूरा
धर्मेंद्र भारती की मौत के बाद पिता हरिलाल ने बिलखते हुए कहा कि पत्नी की मौत के बाद तीन बेटियों के साथ एक बेटे का घर बसा दिया था। छोटे बेटे की भी अगले साल शादी कर घर बसाने की सपना संजोए थे। यह बेटे की मौत के बाद अब अधूरा रह गया।
पुलिस की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार
पुलिस ने मृत युवक धर्मेंद्र भारती के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद शनिवार शाम करीब छह बजे परिजनों की मौजूदगी में झुलनीपुर नहर स्थित अमड़ी पुल के पास अंतिम संस्कार कर दिया।
पुलिस की मानें तो ड्राइवर ने अपने हाथ बांधे, खुद को मारा और गड्ढे में दब गया
ड्राइवर का शव मिट्टी में दबा मिला, हाथ बंधे थे, पुलिस कहती है डूबने से हुई मौत, विसरा प्रिजर्व, जांच के लिए भेजा
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। क्या ऐसा भी हो सकता है कि कोई अपने हाथ खुद बांधे और मिट्टी में दब जाए। लेकिन पुलिस यह कह रही है कि ड्राइवर ने अपने हाथ बांधे, खुद को मारा और गड्ढे में दब गया। निचलौल थाना क्षेत्र के करमहिया गांव के सामने देवरिया शाखा नहर में शुक्रवार देर शाम मिट्टी में दबा धर्मेंद्र भारती का शव मिला था।
मटरा धमउर गांव के धर्मेंद्र भारती की मौत कब हुई थी। कैसे हुई थी। इसकी जांच-पड़ताल करने के बजाय पुलिस बता रही है कि ड्राइवर की मौत डूबने से हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट के कोई निशान नहीं मिले। विसरा जांच के लिए भेजा गया है। मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। रिपोर्ट आने के बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
धर्मेंद्र भारती 31 दिसंबर 2022 को घर से निकले तो वापस नहीं आए थे। परिजनों ने पांच जनवरी को गुमशुदगी दर्ज कराई तो पुलिस ने आगे की जांच-पड़ताल मुनासिब नहीं समझा। शुरुआत से ही युवक के परिजन हत्या की आशंका जता रहे थे लेकिन पुलिस ने ध्यान नहीं दिया।
घटनास्थल पर पहुंचे धर्मेंद्र के पिता हरिलाल का आरोप है कि बेटे की हत्या कर नहर में शव को फेंका गया है। उसके दोनों हाथ पीछे की तरफ बंधे थे। क्या ऐसा हो सकता है कि कोई अपने हाथ बांधकर खुद मिट्टी में दब सकता है। उधर, निचलौल क्षेत्राधिकारी सूर्यबली मौर्य ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कोई चोट के निशान नहीं मिले हैं। विसरा प्रिजर्व कर जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
उधर, धर्मेंद्र के घर पहुंचे रिश्तेदार उसके परिजनों को ढांढस बंधाने में लगे हुए हैं।
कुत्तों ने संकेत दिया मिट्टी से दबा है शव
करमहिया गांव के ग्रामीणों ने कहा कि नहर में पानी सूखने के बाद हर रोज की तरह शुक्रवार को भी बच्चे वॉलीबाॅल खेल रहे थे। इसी बीच नहर में कुछ कुत्ते भी दौड़ लगा रहे थे। इसी बीच कुत्ते अचानक नहर में मिट्टी से दबे युवक का शव पंजे से खोदने लगे। इसपर नजर पड़ी तो लोगों ने कुत्तों को भगाकर पुलिस को सूचना दी।
बड़ा बेटा अलग है, छोटा ही करता था देखभाल
निचलौल। भारत-नेपाल बॉर्डर से सटे मटरा धमउर के रहने वाले हरिलाल ने बताया कि पत्नी की मौत और बड़े बेटे गोधन के अलग रहने के बाद से छोटा बेटा धर्मेंद्र (22) बुढ़ापे का सहारा बना था। जेसीबी चलाकर मेरा इलाज कराने के साथ ही घर की अन्य आवश्यकताओं को भी पूरा करता था। अब मेरी देखभाल कौन करेगा। बेटा 25 दिसंबर 2022 को सदर कोतवाली क्षेत्र के भिसवा से जेसीबी मशीन चलाकर घर आया था। परिवार में सब कुछ अच्छे से बीत रहा था। 31 दिसबंर की रात करीब 10 बजे बेटा पड़ोस के एक युवक के साथ घर से अचानक निकल गया था। पुलिस मामले में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर बेटे की खोज खबर लेना भूल गई। शुक्रवार शाम करीब छह बजे पुलिस से जानकारी मिली कि करमहिया गांव के सामने निचलौल-झुलनीपुर नहर में मिट्टी से दबा बेटे का शव मिला है। मौके पर पहुंचा तो बेटे के शव को देखकर अचेत होकर गिर पड़ा।
पहले पत्नी अब छोटे बेटे की मौत
हरिलाल के दो बेटे धर्मेंद्र भारती और गोधन के अलावा तीन बेटियां उर्मिला, गुड्डी और पूनम हैं। बच्चे छोटे थे। इसी बीच पत्नी फूलमती की बीमारी से मौत हो गई। उसके बाद उन्होंने मजदूरी कर तीन बड़ी बेटियों और बड़े बेटे की शादी की। तीनों बेटियों के ससुराल जाने के कुछ दिन बाद ही बड़ा बेटा गोधन भी अलग हो गया। इसी बीच पिछले वर्ष लकवा मार दिया। इसके बाद छोटा बेटा धर्मेंद्र जेसीबी मशीन चलाकर उनका इलाज कराने के साथ ही घर की अन्य आवश्यकताओं को पूरा करता था। अब छोटे बेटे की मौत के बाद उन्हें आगे की जिंदगी काटने की चिंता सताने लगी है।
बेटे का घर बसाने का सपना रह गया अधूरा
धर्मेंद्र भारती की मौत के बाद पिता हरिलाल ने बिलखते हुए कहा कि पत्नी की मौत के बाद तीन बेटियों के साथ एक बेटे का घर बसा दिया था। छोटे बेटे की भी अगले साल शादी कर घर बसाने की सपना संजोए थे। यह बेटे की मौत के बाद अब अधूरा रह गया।
पुलिस की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार
पुलिस ने मृत युवक धर्मेंद्र भारती के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद शनिवार शाम करीब छह बजे परिजनों की मौजूदगी में झुलनीपुर नहर स्थित अमड़ी पुल के पास अंतिम संस्कार कर दिया।