महराजगंज। युवाओं को ग्राम पंचायत सहायक की नौकरी रास नहीं आ रही है। अब तक 45 युवक पद से त्यागपत्र दे चुके हैं। वर्तमान में पंचायत सहायकों के 61 पद खाली हैं। लगातार त्यागपत्र देने के कारण कामकाज पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है।
शासन ने सभी ग्राम पंचायतों को मिनी सचिवालय को रूप में विकसित करने का निर्णय लिया था। इसके जरिये ग्रामीणों को गांव में ही सभी योजनाओं का लाभ देने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए शासन ने पिछले साल सभी ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायक नियुक्ति की थी।जबकि आरक्षण के चलते अभ्यर्थी न मिलने से कुछ गांवों में पंचायत सहायकों की नियुक्ति नहीं हो सकी। गांव में पंचायत सहायकों के नियुक्ति के बाद हर गांव में एक-एक कंप्यूटर, इंटरनेट सुविधा व अन्य जरूरी उपकरण उपलब्ध कराया गया। पंचायत सहायक गांव के कार्यों की ऑनलाइन फीडिंग, भुगतान, पेंशन फार्म भेजने की जिम्मेदारी दी गई।
जिले की 882 ग्राम पंचायतों में 875 गांव में सहायक की नियुक्ति हुई थी। इनमें से 45 पंचायत सहायकों ने त्यागपत्र दे दिया। वहीं, कुछ पंचायतों में नियुक्ति नहीं हो पाई है। परास्नातक या उच्च डिग्रीधारी युवाओं का मन सहायक की नौकरी में नहीं लग रहा है। पंचायत सहायकों का मानदेय कम होने और काम अधिक होने के चलते युवाओं का मोह भंग हो रहा हैं। इससे युवा नौकरी छोड रहें हैं। वहीं गांवों में रिक्त हो रहे पंचायत सहायकों के पदों के चले गांव के काम काज भी प्रभावित हो रहे हैं।
डीपीआरओ यावर अब्बास का कहना कि जिले के रिक्त पंचायत सहायकों के नवीन नियुक्ति होनी है। इसके लिए शासन ने रिपोर्ट मांगी थी। शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है। अनुमति मिलने के बाद कार्रवाई शुरू की जाएगी।