सिसवा बाजार/मिठौरा/भिटौली। कस्बे में स्थापित 34 दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ ही छह दिवसीय दुर्गा पूजा महोत्सव पर्व प्रशासनिक सुरक्षा के बीच शांति पूर्वक सोमवार की देर रात संपन्न हुआ। इस दौरान आकर्षक झांकियों संग माता की पालकी सजी शोभायात्रा का नगर में भ्रमण कराया गया।
उसके बाद नारायणी नदी की शाखा खेखड़ा घाट पर प्रतिमाओं का विसर्जन कर दिया गया। सिसवा कस्बे सहित थानाक्षेत्र में स्थापित 34 दुर्गा प्रतिमाएं परंपरागत तरीके से अपराह्न एक बजे इस्टेट परिसर में एकत्र होनी शुरू हुईं। इसके बाद इस्टेट परिवार की ओर से देवी प्रतिमाओं का पूजन-अर्चन करने के बाद पुलिस प्रशासन द्वारा वितरित किए गए क्रम संख्या के अनुसार क्रमबद्ध होकर श्रीराम जानकी मंदिर, हट्ठी माता मंदिर, काली माता मंदिर, सायर माता मंदिर, भुअरी माता मंदिर, बनारसी कटरा, फलमंडी, दूरभाष केंद्र रोड, लोकायन दुर्गा पूजा समिति, इस्टेट चौक, संस्कृत पाठशाला, जायसवाल नगर, कोठीभार सहित अन्य समितियों की प्रतिमाएं ढोल नगाड़ों के साथ नगर में निकला गया।
देर शाम खेखड़ा घाट पर जुलूस पहुंचा, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ देवी दुर्गा के प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इस दौरान कोठीभार प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार सिंह, 10 थानों के प्रभारी निरीक्षक, 24 निरीक्षक, 30 उपनिरीक्षक, महिला थाना प्रभारी प्रियंका मौर्या, 24 महिला कांस्टेबल, 150 कांस्टेबल एवं दो प्लाटून पीएसी संग 20 एसएसबी जवान सुरक्षा को लेकर तैनात रहे।
सिंदुरिया थाना क्षेत्र के ग्राम सभाओं में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन सिंदुरिया स्थित नारायणी नहर में किया गया। सोमवार को देर शाम तक भक्तों ने गाजे-बाजे के साथ जुलूस निकालकर मां दुर्गा, लक्ष्मी और भगवान गणेश को विदाई दी। सिंदुरिया क्षेत्र के ग्राम सभा सिंदुरिया, रामपुरमीर, लेदवा, पतरेंगवा, सोनवल, मधुबनी, पकड़ियारबुजुर्ग, पिपरा कल्याण, परसामीर की प्रतिमा विसर्जित हुई। भिटौली क्षेत्र के परसा खुर्द में पकड़ी दीक्षित के बड़े तालाब में प्रतिमा विसर्जित की गई। प्रशिक्षु क्षेत्राधिकारी दीपशिखा वर्मा के नेतृत्व एवं थानाध्यक्ष दुर्गेश कुमार वैश्य की देखरेख में दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन शांति पूर्वक हो गया।