महराजगंज। जिले के किसानों की पराली संबंधी समस्या को देखते हुए प्रशासन जिले के तीन अधिकारियों को प्रशिक्षित करा रहा है। प्रशिक्षण प्राप्त कर वे जहां किसानों की मुश्किलों को दूर करेंगे, वहीं पराली को किसानों की आय का जरिया भी बनाएंगे।
जिले में बीते दिनो पराली जलाने की घटना में प्रशासन की ओर से कड़ी कार्रवाई की गई है। बावजूद इसके कुछ किसान अभी भी पराली को नियमित रूप से जला रहे है। पराली को जलाने से बचाने व उसे किसानों की आय का जरिया बनाने के लिए जिला कृषि अधिकारी वीरेंद्र कुमार, जिला युवा कल्याण अधिकारी वैभव सिंह व सहायक आयुक्त उद्योग राकेश जायसवाल को प्रशिक्षण के लिए नामित किया गया। तीनो अधिकारी दिल्ली में पैकेजिंग ग्रेड के कागज व पेपर बोर्ड के उत्पादन के लिए चावल के भूसे का उपयोग एवं मोल्डेड टेबलवेयर उत्पादों के लिए चावल के भूसे के गूदे का उपयोग पर आधारित विचार मंथन में हिस्सा लिया। वहां पर मुख्य वैज्ञानिक एसके गोयल, निदेशक डॉ. एमके गुप्ता, प्रधान वैज्ञानिक डॉ. नितिन एंडले, डॉ. जेएस कामयोत्रा व डॉ. सुनील गुलिया ने पराली के मुद्दे पर विस्तृत रूप से चर्चा की। जिला कृषि अधिकारी वीरेंद्र कुमार ने कहा कि सब कुछ ठीक रहा तो वैज्ञानिकों की ओर से जिले मेंं पराली व कृषि के विकास के दृष्टिगत जल्द ही एमओयू भी साइन किया जाएगा।
जिले में पराली व कृषि से जुड़े अन्य प्लांट को स्थापित किए जाने में एक संस्थान की ओर से रूचि दिखाई जा रही है। पराली के प्रबंधन की दिशा में लगातार प्रयास जारी है। इसके होने से समस्याओं का स्वत: निराकरण हो जाएगा।
-अनुनय झा, जिलाधिकारी