महराजगंज। शहर में स्थानों पर हाथ धोने के लिए ट्रॉली पर 12 पानी की टंकी लगाई गई थी। इस पर आठ लाख रुपये से ज्यादा खर्च हुए थे। वर्तमान में यह गैराज में रख दी गई है। दूसरी ओर नगर पालिका स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग में प्रदेश स्तर पर आठवें पायदान पर है। शहर में स्वच्छता के दावे हवा-हवाई साबित हो गए हैं। शहर के लोगों का कहना है कि कागज में स्वच्छता दिखती है, हकीकत में तस्वीर बदहाल है।
शहर के पड़री मोहल्ले में नगर पालिका का गैराज बना है। यहां खराब सामग्री रखी गई है। यहीं पर ट्राॅली पर पानी की टंकी भी रखी गई है। दो साल पहले यह टंकी हनुमानगढ़ी, मऊपाकड़, सक्सेना चौक, कलक्ट्रेट गेट, कोतवाली के पास समेत अन्य स्थानों पर रखी गई थी। कुछ दिन तो सब ठीक रहा, लेकिन वक्त के साथ ही इसकी उपयोगिता में कम होती गई। इसे बेतरतीब ढंग से रखा गया था। बाद में इसे हटाकर गैराज में रख दिया गया। यहां भी यह खराब हो रहा था तो इसकी रंगाई पुताई कराने के बाद यहीं रख दिया गया। इसे कोरोना काल में हाथ धोने के लिए बनाया गया था। स्वच्छता के नारे ट्राॅली पर लिखे गए थे। इसमें सैनीटाइजर, साबुन आदि की व्यवस्था थी, लेकिन जैसे-जैसे वक्त गुजरता गया ये बदहाल हो गई।
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शहर में स्वच्छता के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए थे। संसाधनों की बेकद्री के कारण सरकारी धन की बर्बादी हो रही है। जिम्मेदारों को इसे उचित स्थान पर व्यवस्थित रखना चाहिए।
-अंबिका त्रिपाठी, नेहरूनगर
कुछ दिन तक पानी की टंकी ट्राॅली पर शहर में दिखती थी, लेकिन वक्त के इसकी उपयोगिता समाप्त हो गई। इस मद में खर्च हुआ रकम भी बेकार हो गए।
-संतोष सत्यार्थी, आजाद नगर
टंकी को ठीक ढंग से सुरक्षित रखा गया है। जरूरत पर उसे उचित स्थान पर रखवा दिया जाएगा। स्वच्छता को लेकर बेहतर ढंग से कार्य करने के कारण रैंकिंग में सुधार हुआ है।
-आलोक कुमार मिश्रा, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका महराजगंज