वाटर एटीएम लगा दिए, बस पानी देना भूले
परतावल ब्लॉक के कई गांवों में लोगों को नहीं मिल रहा शुद्ध जल
महराजगंज। परतावल ब्लॉक के कई गांवों में शुद्ध जल के लिए जिम्मेदारों ने वाटर एटीएम तो लगा दिया, लेकिन इसका लाभ आम लोगों को नहीं मिल पा रहा है। ये वाटर एटीएम बेकार पड़े हैं। लोगों का कहना है कि जिम्मेदारों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन इन्हें ठीक नहीं कराया जा रहा है।
परतावल ब्लॉक के धनहां नायक गांव में 6 लाख 62 हजार 976 रुपये की लागत से बीते फरवरी में वाटर एटीएम लगाया गया, लेकिन लोगों को शुद्ध जल नहीं मिल रहा है। गांव के गणेश यादव ने बताया कि हैंडपंप के पानी का ही आसरा है। मेनका निषाद ने कहा कि अधिकारियों ने समस्या पर ध्यान नहीं दिया।
यही हाल हरपुर तिवारी गांव में भी है। 6 लाख 61 हजार 248 रुपये की लागत से वाटर एटीएम अप्रैल माह में लगाया गया। गांव की चार हजार आबादी के लिए यह वाटर एटीएम दिखावा बनकर रह गया है। वर्तमान समय में वाटर एटीएम के पास सफाई नहीं है। गांव के सुभाष ने बताया कि शुद्ध जल नहीं मिलने से पेट संबंधी बीमारी आम समस्या बन चुकी है। इससे ज्यादातर लोग पीड़ित हैं। प्रदीप ने कहा कि शुद्ध जल मुहैया कराने के दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं।
श्यामदेउरवां गांव में 6 लाख 61 हजार 248 रुपये की लागत से अप्रैल माह में वाटर एटीएम लगाया गया। गांव की करीब 3,500 आबादी को शुद्ध जल नसीब नहीं हो रहा है। गांव के लगे इंडिया मार्का हैंडपंप के भरोसे लोगों को जल मिल रहा है। ग्राम प्रधान जनार्दन यादव ने बताया कि यह वाटर एटीएम लगने के एक सप्ताह बाद ही खराब हो गया, अगर यह ठीक रहता तो शुद्ध मिलने में समस्या नहीं होती। गांव के देवेंद्र शर्मा ने बताया कि शुद्ध जल नहीं मिलने से पेट संबंधी बीमारी हो रही है, लेकिन समस्या के प्रति अधिकारी गंभीर नहीं हैं।
मंगलपुर गांव में 6 लाख 61 हजार 248 रुपये की लागत से बना वाटर एटीएम बेकार पड़ा है। गांव की करीब चार हजार आबादी को शुद्ध जल मुहैया कराने के मकसद से यह व्यवस्था की गई थी, लेकिन अधिकारियों की उदासीनता के कारण यह बन नहीं सका। वाटर एटीएम पर जल ही जीवन का पोस्टर लगा है। आसपास घासें उगी हुई हैं। गांव के संजय कुमार ने बताया कि जनवरी माह में वाटर एटीएम लगाया गया, लेकिन यह कुछ दिन बाद ही खराब हो गया। अच्छेलाल ने कहा कि जैसे तैसे रकम को खर्च कर दायित्व की इतिश्री कर दी गई।
कोट
दूषित पानी के सेवन से चर्म रोग, पेट रोग, पीलिया, हैजा, दस्त, उल्टी, बुखार आदि रोग हो सकते हैं। गर्मी व बरसात के दिनों में इनके होने का खतरा ज्यादा होता है। पीने के लिए हमेशा स्वच्छ पानी का प्रयोग करें। तालाब के किनारे लगे हैंडपंपों का पानी न पिएं।
डॉ. एवी त्रिपाठी, जिला अस्पताल
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अगर कहीं वाटर एटीएम खराब हैं, तो उसे ठीक कराने के लिए संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया जाएगा। लोगों को शुद्ध जल मिले, इसके लिए हर संभव इंतजाम किए गए हैं।
-सत्येंद्र कुमार, जिलाधिकारी