घुघली। 35 साल पहले घुघली को नगर पंचायत का दर्जा मिला, लेकिन शहर के लोगों को 10 मिनट सुकुन से बैठने के लिए जगह नहीं मिल सकी। शहर में 11 वार्ड हैं, लेकिन एक भी पार्क नहीं है। वहीं सरकार मनरेगा की ओर से हर गांव में पार्क बनवा रही है। पार्क के अभाव में नगरवासी सड़क व बैकुंठी पुल पर व्यायाम करते हैं और टहलते हैं। ऐसे में दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
युवाओं व बुजुर्गों में इसे लेकर आक्रोश है। गणेश अग्रवाल ने कहा कि सरकार बुजुर्गों व युवाओं के लिए गांव-गांव में खेल मैदान व पार्क बनवा रही है। ताकि सबका सेहत ठीक रहे। रोज सुबह शाम बुजुर्ग टहल सके व बैठकर अपनी बात किसी से साझा कर सकें। शहर में इसकी व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही है। विपिन सिंह ने कहा कि सड़क व भीड़ भाड़ वाले जगह पर टहलना खतरे से खाली नहीं है। कस्बे में पार्क बनना जरूरी है। सुरेश दूबे ने कहा कि सड़क पर टहल नहीं सकते, क्योंकि दुर्घटना का डर बना रहता है।
नगर पंचायत अध्यक्ष संतोष जायसवाल ने बताया कि नगर में पार्क नहीं है। इसके पहले जो भी नगर अध्यक्ष रहे हैं, उनकी भी तो जिम्मेदारी बनती थी। अब नए सिरे से कार्य हो रहा है। पार्क के लिए जगह चिह्नित कर लिया गया है। जल्द बनाने के लिए कवायद की जाएगी।