महराजगंज। पितृ पक्ष में लोग खरीदारी करना अशुभ मानते हैं। बाजार में सन्नाटा पसरा है। कपड़े, ज्वेलरी, इलेक्ट्राॅनिक समेत अन्य कारोबार प्रभावित हो गए हैं। एक अनुमान के मुताबिक कारोबार में करीब 60 से 70 प्रतिशत गिरावट आई है। अब व्यापारियों को नवरात्र का इंतजार है।
पितृ पक्ष में लोग नए मांगलिक कार्य, कपड़े, जेवर, बर्तन व वाहनों की खरीदारी से बचते हैं, जिसका सीधा असर बाजार के कारोबार पर दिखाई पड़ रहा है। बाजार में इस समय सन्नाटा है। नगर के काॅलेज रोड, कपड़े, सराफा के साथ वाहनों के शोरूम में सन्नाटा पसरा है। हमेशा खरीदारों से गुलजार रहने वाले बाजार सुस्त हैं।
बाइक शो रूम के मालिक राकेश गुप्ता बताते हैं कि पितृ पक्ष में अब तक एक या दो वाहन ही बिके हैं, जबकि इससे पहले एक दिन में कई वाहन बिक जाते थे। उन्होंने बताया कि लोग यह सोचते हैं कि पितृ पक्ष के बाद नवरात्र में खरीदारी करें।
दो अक्तूबर तक पितृपक्ष रहेगा। पितृ पक्ष में श्राद्ध और तर्पण सनातन धर्म और लंबियों के लिए अत्यंत आवश्यक कर्तव्य कर्म होता है। नया कार्य नहीं किया जाता है। पितरों की संतुष्टि के उद्देश्य से श्रद्धापूर्वक किए जाने वाले तर्पण, दान आदि कर्मों को श्राद्ध कहा जाता है। इसे पितृयज्ञ भी कहते हैं।
-आचार्य दिवाकर मणि त्रिपाठी