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Maharajganj News: देवदह में विपश्यना हाल बनकर तैयार

Tue, 01 Oct 2024 04:21 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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महराजगंज। प्राचीन बौद्ध स्थल बनरसिहा कला देवदह में करीब तीन करोड़ की लागत से विपश्यना हाल और अतिथि गृह बनकर तैयार हो गया है। दूसरी तरफ चौक बाजार के रामग्राम स्तूप के उत्खनन के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। दोनों ऐतिहासिक बौद्ध स्थलों के विकास के लिए पर्यटन विभाग पिछले कई वर्षों से काम कर रहा है। जल्द ही दोनों स्थल विश्व मानचित्र पर दर्ज हो जाएंगे।
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जानकारी के मुताबिक, लक्ष्मीपुर ब्लाॅक के ग्राम पंचायत बनरसिहा कला में प्राचीन बौद्ध टीले हैं, जिसके विकास के लिए पुरातत्व विभाग एवं पर्यटन विभाग द्वारा विकास के कई कार्य किए जा रहे हैं। वर्तमान में विपश्यना हाल का निर्माण पूर्ण हो चुके हैं। यहां तक पहुंचने के लिए पुराना मार्ग है जो बहुत ही सकरा है। बड़े वाहनों के आवागमन में दिक्कतें होती हैं।

देश-विदेश से आने वाले बौद्ध पर्यटकों के सुगमता को देखते हुए शासन ने बाईपास मार्ग बनवाने के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद एसडीएम नौतनवा राजस्व टीम के साथ बनरसिहा कला पहुंचकर बाईपास मार्ग के लिए भूमि का सर्वे भी किया है। बसंतपुर गांव से बौद्ध स्थल तक 20 मीटर चौड़ा मार्ग प्रस्तावित है। 14 अक्तूबर 2024 को विपश्यना हाल का उद्धाटन हो सकता है।
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पिछले दो अगस्त को पर्यटन विभाग लखनऊ के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. कल्याण सिंह ने अधिकारियों के साथ पहुंचकर नौतनवा की राजस्व और चकबंदी टीम के अधिकारियों व कर्मचारियों से बातचीत की थी। उसके बाद विपश्यना हाल के बगल में 10 एकड़ भूमि अधिग्रहण के लिए चिह्नित कराया था। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि बौद्ध स्थल देवदह को विदेशी पर्यटकों और धर्मावलंबियों के लिए विकसित किया जा रहा है। यहां पर अन्य जो भी सुविधाएं संभव हो सकती हें उसे कराया जाएगा।

किसानों से नियमानुसार भूमि खरीदी जाएगी। जिस पर गौतम बुद्ध से संबंधित स्मारक बनाने की योजना है। इसके अलावा देवदह में स्थित प्राचीन स्तूप जिसका उत्खनन 1991 में हो चुका है का जीर्णोद्धार कर संरक्षित किया जाना है जिसके लिए प्रस्ताव शासन को भेजी गई है। जबकि वर्ष 2023 व 2024 में जिस टीले का उत्खनन हुआ था। उसका उत्खनन जारी रखने का प्रस्ताव शासन को भेजी गई है।




उत्खनन के बाद ही बौद्ध टीलों से रहस्यों का पर्दा उठ जाएगा

सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के चौक रेंज के ग्राम पंचायत धरमौली के निकट जंगल में स्थित प्राचीन बौद्ध स्थल रामग्राम के विकास के लिए शासन स्तर से कई कार्य किए जा रहे हैं। रामग्राम के निकट करीब सात करोड़ की लागत से अतिथि गृह और अन्य कार्य हो रहे हैं जो जल्द ही पूर्ण हो जाएंगे। जबकि इस स्थल की सटीक ऐतिहासिक जानकारी पाने के लिए शासन ने उत्खनन का आदेश जारी किया है, लेकिन अभी तक उत्खनन का इंतजार है।

जानकारी के मुताबिक रामग्राम (कन्हैया बाबा का स्थान) के उत्खनन की स्वीकृति शासन स्तर से मिल चुकी है, जिसके विषय में कागजी कार्रवाई चल रही है। उत्खनन के बाद ही यहां के बौद्ध टीलों से रहस्यों का पर्दा उठ जाएगा। उत्खनन होने के बाद यह स्थल विश्व मानचित्र पर दर्ज हो होगा। दूसरी तरफ शासन के निर्देश पर उप्र राज्य पुरातत्व विभाग की डायरेक्टर रेनू द्विवेदी ने जिलाधिकारी को भेजे पत्र के मुताबिक जनपद महराजगंज तहसील सदर स्थित कन्हैया बाबा का स्थान एवं बृजमनगंज के सहजनवा बाबू का टीला को उप्र राज्य पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित किया जाना है।



इन स्थलों के स्मारक से संबंधित खसरा खतौनी, नजरी नक्शा, राजस्व नक्शा, प्रस्तावित भूमि की सीमाओं की गाटा से संबंधित संख्या (चौहद्दी) एवं रकबा आदि अभिलेखों को उपलब्ध कराए जाने का निर्देश जारी किया गया है। ताकि उक्त ऐतिहासिक महत्व के स्थलों को संरक्षित किया जा सके।



बनर्सिहा कला देवदह विपश्यना हाल अतिथि गृह तैयार हो गया है। जबकि अभी कई विभागीय कार्य होने बाकी हैं। जबकि रामग्राम (कन्हैया बाबा का स्थान ) के उत्खनन की स्वीकृति शासन स्तर से मिल चुकी है। इसके विषय में कार्रवाई हो रही है। शासन स्तर से एनओसी मिलने के बाद उत्खनन होगा।
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-रामविनय, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी
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