एनएचएआई के पोर्टल पर अपलोड किए बिना हैंडल मशीन से प्रिंट किया जाता रसीद
संवाद न्यूज एजेंसी
नौतनवां। गोरखपुर-सोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 24 पर छपवा स्थित टोल प्लाजा बूथ पर ट्रक चालकों से टोल कर्मी द्वारा झोले में रखे हैंडल मशीन से पर्ची काटकर अवैध वसूली करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामले में टोल प्लाजा प्रबंधक ने तीन कर्मचारियों को निकालने का मामला भी प्रकाश में आया है।
छपवा टोल प्लाजा पर जुलाई माह से मेरठ की कंपनी देवेंद्र कुमार का ठेका है। बताया जा रहा है कि टोल मैनेजर के निर्देशानुसार टोल पर आने वाले वाहनों से अवैध वसूली का खेल चल रहा है। यह वीडियो तब वायरल हुआ, जब टोल प्लाजा से तीन कर्मचारियों को निकाल दिया गया। वायरल वीडियो में साफ तौर पर दिख रहा है कि एक कर्मी टोल बूथ के बगल में डिवाइडर के बीच बैठकर झोले में रखे हैंडल मशीन से पर्ची काटकर ट्रक चालक को दे रहा है। ट्रक चालकों को मिली पर्ची में 260 रुपये प्रिंट हुआ है। मजे की बात है कि पूरा टोल प्लाजा परिसर सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में है, उसके बाद भी अवैध वसूली की जा रही है। वाहन चालकों के मुताबिक ओवर लोडिंग दिखाकर जबरन अवैध वसूली की है। जबकि टोल प्लाजा पर वजन करने के लिए कांटा नहीं लगा हुआ है। बड़ी बात तो यह है कि मशीन द्वारा निकाली गई रसीद नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर अपलोड तक नहीं होता अर्थात वसूल की गई धनराशि सीधा ठेकेदार के जेब में जाती है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को देखने के बाद टोल के ठेकेदारों ने अपने दो कर्मचारियों को तत्काल टोल की गोपनीयता भंग करने का आरोप लगाते हुए हटा दिया। इसके बाद निलंबित कर्मचारी सुफियान अंसारी ने बताया कि हम टोल कर्मचारी हैं, पिछले चार महीना से कार्य कर रहे थे। इस समय देवेंद्र शर्मा का ठेका है, उनके द्वारा बताया जाता था कि हैंडल मशीन से रसीदों को प्रिंट करो तो हमारे द्वारा किया जाता था और यदि हम कार्य करने से मना करते थे तो हमें नौकरी से निकालने की धमकी भी दी जाती थी, जब वीडियो वायरल हुआ तो हम पर आरोप लगाते हुए हमें टोल से निष्कासित कर दिया गया है।
टोल प्लाजा के कर्मचारी दुर्गेश यादव ने बताया कि वह पिछले एक वर्ष से अधिक समय से टोल पर कम कर रहे हैं। इस समय देवेंद्र शर्मा की कंपनी ठेका चला रही है। हमने उनके कहने के अनुसार सुचारू रूप से कार्य किया, इसके बावजूद भी बिना किसी कारण को बताएं हमें नौकरी से निकाल दिया गया है।
ट्रक वाहन चालक संतोष मौर्य ने बताया कि वह अपने गाड़ी में कोयला लादकर नेपाल जा रहे हैं। उनकी गाड़ी को ओवरलोड बता कर टोल कर्मचारियों द्वारा 260 रुपए की जबरिया वसूली की गई है। वहां पर इलेक्ट्रॉनिक कांटा भी नहीं लगा है फिर भी मनमाने तौर से पैसा वसूल रहे हैं।
शैलेश यादव ट्रक चालक ने बताया कि वह आजमगढ़ से सामान लाद कर पड़ोसी राष्ट्र नेपाल जा रहे हैं छपवां टोल प्लाजा पर स्थित टोल कर्मियों द्वारा हमारी गाड़ी में ओवरलोड बात कर 260 रुपये की वसूली किए हैं और रसीद भी नहीं दिए हैं।
ट्रक चालक मनोज यादव ने बताया कि वह बनारस से गाड़ी लेकर आ रहे हैं और छपवा टोल प्लाजा पर बिना इलेक्ट्रॉनिक कांटा लगाएं हमारी गाड़ी को ओवरलोड बताने लगे इस पर जब हमने बहस किया तो उन्होंने बिल्टी पेपर मांगा इसके आधार पर उन्होंने 50 किलो ज्यादा वजन होने का हवाला देते हुए ओवरलोड का चार्ज 260 रुपये काट दिए हैं।
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वह लोग जब हमारी कंपनी में नहीं थे, तो निकालेंगे किसे
छपवा टोल प्लाजा के मैनेजर विक्रम सिंह ने बताया कि वह पिछले कंपनी के कर्मचारी हैं, जो गलत आरोप लगा रहे हैं। वह लोग जब हमारी कंपनी में नहीं थे तो निकालेंगे किसे। जिन वाहनों का फास्ट टैग नहीं है। उनका पेनल्टी लगाया जाता है, जैसे छोटे वाहन का 35 रुपये है, फास्ट टैग नहीं है तो उसका 70 रुपये होगा। उसी तरह भारी वाहन का 130 रुपये है तो फास्ट टैग नहीं है तो उसका 260 रुपये लगेगा।