फरेंदा। राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे खड़े वाहन दुर्घटना का सबब बनते हैं। गोरखपुर-सोनौली राजमार्ग पर ट्रक जहां-तहां खड़े रहते हैं, लेकिन इनको हटाने की दशा में कोई कारगर कार्रवाई नहीं होती है। जिसका नतीजा ये होता है कि लोग दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। प्रत्येक साल करीब दर्जनों लोग दुर्घटना के शिकार होते रहते हैं।
गोरखपुर सोनौली राजमार्ग, कैंपियरगंज जंगल, पिपरामौनी, मोहनापुर, बाजारडीह सहित तमाम जगहों पर ट्रक चालक रात में हाईवे के किनारे वाहन खड़ा कर देते हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। अक्सर देखा गया कि दुर्घटनाएं चाय व ढाबा के किनारे होते हैं। जब चालक लापरवाही पूर्वक ट्रक खड़ा करके घंटों गायब रहते हैं।
खड़े ट्रकों में न तो पार्किंग लाइट जलती है न ही रेडियम रिफ्लेक्टर होता है। ऐसे में बाइक और छोटी चार पहिया वाहन चालक दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं।पुलिस रात में गश्त के दौरान सड़कों के किनारे वाहनों पर नजर नहीं डालती है। सबसे अधिक दुर्घटनाएं तो कोहरे के समय होती हैं।
निर्माणाधीन हाईवे पर हो रहीं दुर्घटनाएं
गोरखपुर सोनौली हाईवे निर्माणाधीन है। जगह-जगह डायवर्जन किया गया है, जिससे राहगीरों को समस्याएं भी हो रही हैं। अधिकतर दो पहिया वाहन चालक टकराकर घायल भी हो रहे हैं। इसमें बाइक चालकों की जान भी चली जा रही है। अधिकतर लोग गिरकर चोटिल भी हो जा रहे हैं।