भारत-नेपाल से लगी जिले की 84 किमी पर पगडंडियों पर चौकसी के दावे फेल, तस्करी के लिए भी पगडंडिया मुफीद, कोई पूछने वाला नहीं,
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। पगडंडियों से बेरोकटोक आवाजाही किसी बड़े खतरे का सबब सकती है। सीमावर्ती क्षेत्र में ड्रोन से निगरानी का फरमान भी बेअसर है। सख्ती के नाम पर पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ी है, लेकिन पगडंडियों पर जब तक पुलिस व एसएसबी पहुंचती है, तब तक तस्कर काम कर जाते हैं। मुख्य सीमा पर अवैध रूप से आने वाले विदेशी तो गिरफ्तार हो जाते हैं, लेकिन पंगडंडियों से घुसने वालों का पता नहीं चलता है।
जानकारी के अनुसार, सिद्धार्थनगर जिले की सीमा में खुनुआ बार्डर से पाकिस्तानी सीमा हैदर भारत में प्रवेश कर गई है। इसके बाद भी जिले से लगी 84 किमी नेपाल सीमा की पगडंडियों पर खास चौकसी नहीं दिख रही है। तस्करी समेत आवाजाही के लिए पगड़डी सबसे महफूज है। इधर आने जाने पर कोई पूछने वाला नहीं है। यही कारण है कि तस्कर आसानी से अपना काम कर लेते हैं। कोई भी आसानी से सरहद पार हो जाता है। जिन देशों के नागरिकों चेहरा भारतीयों से मिलता-जुलता है तो वे अक्सर पकड़ में नहीं आते हैं। जिनकी बोली-भाषा व चेहरा भारतीय नागरिकों से नहीं मिलता है, वे दबोच लिए जाते हैं। भारत-नेपाल सीमा पर समय-समय पर कश्मीरी लेकर आतंकी भी पकड़े जा चुके हैं।
शनिवार को भारत नेपाल सीमा के पगडंडी की लाइव रिपोर्ट के दौरान सब कुछ सामान्य दिखा। पगडंडी पर आवाजाही सामान्य थी। करीब 20 मिनट के अंतराल में कोई सुरक्षा कर्मी नजर नहीं आया। नौतनवां कस्बे के बनैलिया मंदिर के पास से होकर जाने पर हरदी डाली कैथवलिया गांव के यादव टोला के पास मुर्गी फार्म के नजदीक पगडंडी है। दोपहर के 12:40 बज रहे थे। पास में ही तिनाव नदी का कोमरिया घाट है। नदी में पानी ज्यादा नहीं था। नदी व रास्ते से होकर बाइक व साइकिल पर सामान लेकर लोग आते-जाते दिखे। पगड़डी से गुजरने वाले ज्यादातर वे लोग थे, जो हमेशा आते-जाते हैं। नदी से होकर तस्कर अपना सामान लेकर नेपाल जा रहे थे। कुछ लोग नेपाल से भी सामान लेकर नदी पार करते दिखे। किनारे बैठकर करीब 20 मिनट गुजारने पर जो तस्वीर दिखी, वह हैरान करने वाली रही। सभी आराम से सरहद पार कर रहे थे। तस्करी के इस खेल को देखने के बाद समझ में आया कि कड़ी सुरक्षा के दावे हवा-हवाई हैं। पगडंडी के दूसरी छोर पर नेपाल के त्रिलोकपुर व कोमरिया गांव के कुछ किशोर बाइक पर सामान व साइकिल से सामान लेकर आ रहे थे। किशोरो को 10 रुपये देकर तस्करी का सामान पार कराया जा रहा था। पगडंडी से एसएसबी बीओपी हरदीडाली चौकी दो किलोमीटर और खनुआ पुलिस चौकी भी दो किलोमीटर पर है। साइकिल पर एक-एक बोरी यूरिया लेकर लोग नेपाल जा रहे थे।
भारत-नेपाल सीमा के पिलर संख्या 522 के नजदीक खनुआ गांव से नेपाल के माया देवी गांव पालिका की तरफ रास्ता है। 1:16 बजे से 1:36 बजे तक पड़ताल में देखने को मिला कि खनुआ गांव से बाहर पगडंडी के पास कुछ किराने की दुकानें हैं। दुकानदार समय देखकर तस्करी का सामान नेपाल भेज रहे थे। एक किशोर साइकिल पर दो बोरी मैदा लेकर नेपाल जारा दिखा। नौतनवां में शनिवार काे साप्ताहिक बाजार लगता है, इसलिए नेपाल के गांव दुर्गवलिया, मकरी, बनगाई, बरेवा आदि के लोग बाजार करने बाइक से आते दिखे। यहां से खनुआ की एसएसबी चौकी लगभग एक किलोमीटर दूर है। नौतनवा की दूरी सात किमी है।
विदेशी नागरिकों के लिए घुसपैठ के लिए पगडंडी सुगम
महराजगंज। भारत-नेपाल की सोनौली सीमा विदेशियों की घुसपैठ के लिए मुफीद है। आएदिन घुसपैठ के मामले आते रहते हैं। जानकारी के अनुसार, अगस्त में अवैध रूप से बॉर्डर पार करते समय दो विदेशी महिलाएं गिरफ्तार की गई थीं, उनमें एक उज्बेकिस्तान और एक अमेरिकी महिला रही। उज्बेकिस्तान के महिला के कूट रचित आधार पर दिल्ली का पता लिखा मिला था। जांच में पता चला कि जो आधार कार्ड बरामद हुआ है, उसपर दिल्ली, साकेत जे 4-48 फ्लैट नंबर 03 खिरकी एक्सटेंशन, मालवीय नगर दक्षिणी दिल्ली लिखा है। दूसरी विदेशी महिला नागरिक के बारे में पता चला कि उसका सही नाम कोलिंन पैट्रिक लिंच (35) है। वह मूलतः 15 मिलर स्ट्रीट राहोबोथ एमए यूएसए की रहने वाली है। दोनों फर्जी आधार कार्ड बनवाकर सरहद पार करने के दौरान गिरफ्तार हुई थीं।
-
केस नंबर एक-
20 फरवरी 2022 को फर्जी वीजा के साथ रूसी दंपती स्वेटलाना फैडेरोवा व रुसाना सुल्तानोवा को नेपाल प्रवेश करने से पहले पकड़ लिया गया। वे गोवा में एनडीपीएस एक्ट के आरोपित भी थे।
केस नंबर दो-
11 दिसंबर 2021 को भारत में प्रवेश कर रहे चीनी नागरिक जी यांग शी निवासी हुबेई चीन को आव्रजन अधिकारियों ने बिना वीजा भारत में प्रवेश करने से रोका और नेपाल वापस कर दिया गया।
केस नंबर तीन-
22 अगस्त 2020 को चीनी नागरिक शेन ली हुबेई चीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
केस नंबर चार-
18 अक्तूबर 2020 को फिलिस्तीन के नागरिक अवनी मोहम्मद हसन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।
-
इन स्थानों से होती है अधिक घुसपैठ
पांच वर्ष में सोनौली कोतवाली क्षेत्र की सीमा के चार स्थानों से अवैध घुसपैठ के प्रयास हुए हैं। इनसमें सोनौली की मुख्य सीमा, तिलाहवा का पगडंडी, केवटलिया गांव व भगवानपुर के सीमा नाके शामिल हैं।
सीमावर्ती क्षेत्र में विशेष निगरानी की जाती है। समय-समय पर पुलिस और एसएसबी मिलकर संयुक्त गश्त करती हैं। पगडंडी क्षेत्र में भी पेट्रोलिंग बढ़ा दी जाएगी। -आतिश कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक