जनपद के लकड़ी हस्तशिल्प एवं फर्नीचर उद्यमियों के लिए खुशखबरी है। उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन विभाग की एक जनपद, एक उत्पाद योजना के अंतर्गत सामान्य सुविधा केंद्र प्रोत्साहन योजना (सीएफसी) की राज्य स्तरीय स्क्रीनिंग समिति की बैठक में जिले में ओडीओपी सामान्य सुविधा केंद्र स्थापित करने के लिए सैद्धांतिक सहमति मिल गई है। इस पर 7.95 करोड़ जारी किए गए हैं।
यह ओडीओपी सामान्य सुविधा केंद्र रामपुरवा बल्डीहा, परतावल, महराजगंज में लगाया जाना प्रस्तावित है। इस ओडीओपी (लकड़ी फर्नीचर) सामान्य सुविधा केंद्र में वुड सीजनिंग एवं ट्रीटमेंट प्लांट, प्रोसेसिंग प्लांट (सीएनसी राउटर, सीएनसी बोरिंग, पैनल सॉ, हाइड्रोलिक प्रेस, एयर कंप्रेसर) के अलावा डिजाइनिंग सेंटर की स्थापना राज्य सरकार के सहयोग से की जाएगी।
उपायुक्त उद्योग, अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि लकड़ी उद्योग में उद्यमियों के लिए पूर्वांचल में बनने वाला इस तरह का यह पहला सामान्य सुविधा केंद्र है। सामान्य सुविधा केंद्र (सीएफसी) की स्थापना से जनपद में लकड़ी फर्नीचर उद्योग से जुड़े उद्यमियों का उत्थान होगा एवं लकड़ी फर्नीचर से संबंधित उत्पाद का निर्यात भी किया जा सकेगा। लकड़ी उद्यमियों को ये सारी सुविधाएं एक छत के नीचे उपलब्ध होंगी।
उन्हाेंने बताया कि सर्वप्रथम सीएफसी के लिए इसी साल 18 जनवरी को जिलास्तरीय समिति की ओर से प्रस्ताव को अनुमोदित कर राज्यस्तरीय समिति को भेजा गया था। राज्यस्तरीय समिति ने सैद्धांतिक संस्तुति प्रदान कर दी। बताया कि चिह्नित भूमि की रजिस्ट्री एसपीवी के नाम करवाते हुए जल्द ही नक्शा पास करवाकर डीपीआर वित्तीय स्वीकृति के लिए शासन को प्रेषित कर दी जाएगी। अगले माह तक सीएफसी के लिए बजट का आवंटन कर दिया जाएगा।
सीएफसी में मिलने वाली सुविधाएं
सीजनिंग : निर्धारित दर पर लकड़ी को सुखाया जाता है और बोरिक ऑक्साइड से उपचारित किया जाता है, ताकि लकड़ी को कीड़ों से बचाया जा सके।
प्रोसेसिंग: लकड़ी की विभिन्न आकार और आकृति में कटाई मशीन से की जाती है।
डिजाइन सेंटर: कंप्यूटर द्वारा डिजाइन और लकड़ी की उस डिजाइन में कटाई।
रंग उपचारण संयत्र: फर्नीचर और लकड़ी के अन्य शिल्प के अनुकूल लकड़ी की रंगाई।
एसएफसी की स्थापना का प्रयास लंबे समय से किया जा रहा था। इसकी स्थापना से लकड़ी उद्योग को अत्यधिक लाभ होगा और इससे लकड़ी उद्योग में लगे उद्यमियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्राप्त होंगी।
- अनुनय झा, जिलाधिकारी