महराजगंज के ग्राम सभा महदेवा में 2013 में जमीनी विवाद में पिता, सौतेले भाई और उसकी पत्नी की चाकू से गोदकर हत्या के दोषी लोलई उर्फ कुशहर, चंद्रावती और हजरत को अपर सत्र/विशेष न्यायाधीश फूलचंद्र कुशवाहा ने आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 44,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी पूर्णेंदु राम त्रिपाठी ने बताया कि देवकीनंदन ने थाना पुरंदरपुर में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि उसकी बहन सुनीता का विवाह लौहर के साथ हुआ था।
29 दिसंबर 2013 को उसके बहनोई की भांजी पूजा ने फोन पर उसे बताया गया कि मामा जल्दी से यहां आ जाओ, नाना रामसमुझ एवं मामा लौहर, मामी सुनीता को रात में लोलई उर्फ कुशहर एवं तीन अज्ञात व्यक्ति घर पर आए तथा चाकू से मार डाले हैं। सूचना पर देवकीनंदन ने तुरंत अपने बहन सुनीता के घर पहुंचा तो देखा कि उसके बहनोई, बहन एवं बहन के ससुर रामसमूझ मृत पड़े थे।
सचना पर थाना पुरंदरपुर में केस दर्ज कर विवेचक ने चार अभियुक्तों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया। नौ गवाह एवं 25 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत कर सजा की मांग की गई। इस ट्रिपल मर्डर में न्यायालय ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य एवं सबूतों के आधार पर आरोपी सुनील पांडेय निवासी टेडिया, थाना उसका बाजार, जनपद सिद्धार्थनगर को दोषमुक्त करते हुए शेष तीन अभियुक्तों को सजा सुनाई है।