जिले में खेल से जुड़े 119 स्थलों पर अब तक तैनात नहीं हुए प्रशिक्षक, जैसे-तैसे अभ्यास कर रहे युवा व खिलाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिले में मनरेगा से बने खेल मैदानों व ओपन जिम में प्रशिक्षक को तैनात करने का मामला परवान नहीं चढ़ सका है। प्रशिक्षकों की तैनाती के लिए निदेशालय स्तर तक पत्राचार भी हुआ, लेकिन उसका कोई सकारात्मक परिणाम नहीं आया। प्रशिक्षकों की तैनाती न होने से जहां खेल को रफ्तार नहीं मिल पा रहा है, वहीं, खिलाड़ी भी जैसे-तैसे अभ्यास कर रहे हैं।
खिलाड़ियों को खेल के लिए बेहतर स्थल उपलब्ध कराने के लिए दो वर्ष पूर्व से तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने 78 स्थलों पर मनरेगा से खेल मैदान व 41 स्थलों पर ओपन जिम का निर्माण कराया।
खेल मैदान के बनने के बाद उन्होंने जनवरी माह में युवा कल्याण विभाग के महानिदेशक को पत्र भेजकर इन स्थानों पर प्रशिक्षकों को तैनात करने के संबंध में पहल किए जाने की बात लिखी, मगर अभी तक इस दिशा में कोई सार्थक परिणाम नहीं आया।
खिलाड़ी ऋषभ चौधरी ने कहा कि मनरेगा खेल मैदान में प्रशिक्षकों की तैनाती के बिना खिलाड़ियों की दशा को बेहतर नहीं बनाया जा सकेगा। खिलाड़ी उमा ने कहा कि खेल क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए खेल मैदान व जिम में प्रशिक्षक को तैनात किया जाए।
कोट
जिले में मनरेगा योजना से खेल मैदान व ओपन जिम तो बना दिए गए मगर अब तक प्रशिक्षक की तैनाती न होने से समस्या आ रही है। खेल मैदान व जिम में आसपास के गांवों के मंगल दल के अध्यक्षों को तैनात कर दिया जाए तो उसके सार्थक परिणाम सामने आएंगे। तैनाती महानिदेशालय स्तर का मामला है। इसे देखते हुए पत्राचार हुआ है।
-सुधीर कुमार श्रीवास्तव, प्रभारी जिला युवा कल्याण अधिकारी