ड्यूटी करने के बजाय सड़क के किनारे फल की दुकान के पास नजर आई यातायात पुलिस
ठेले खोमचों से आवागमन में दुश्वारियां
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज।
एक नवंबर से यातायात माह की शुरुआत हुई है। पूरे माह लोगों को नियमों का पाठ पढ़ाया जाएगा। बृहस्पतिवार को नौ वां दिन था। यातायात माह में शहर में कहीं सख्ती दिखी तो कहीं लापरवाही नजर आई। शहर में सक्सेना चौक पर यातायात पुलिस सख्त नजर आई। बगैर हेलमेट वालों को चालान किया गया।
शहर में हनुमानगढ़ी पर ट्रैफिक पुलिस कर्मी के सामने ही लोग बिना हेलमेट व सीट बेल्ट के निकलते दिखे। इन्हें रोकने टोकने वाला कोई नहीं दिखा। यातायात पुलिसकर्मी फल की दुकान के पास बैठा नजर आया। मऊपाकड़ पर चौराहे पर एक यातायात पुलिस का एक कर्मी ठेले के पास बैठा नजर आया। जबकि स्कूल की छुट्टी हुई थी।
कार्रवाई के बाद भी तोड़ रहे नियम
पुलिस विभाग व परिवहन विभाग ने मिलकर अक्तूबर माह में दो हजार से ज्यादा लोगों का चालान नियम तोड़ने पर किया। इसके बाद भी लोग नियमों पालन नहीं कर रहे हैं। इसमें कार सवार भी पीछे नहीं दिखे। शायद ही कोई कार सवार हो जो सीट बेल्ट लगाए हों।
चालान की बढ़ी संख्या से ही अनुमान लगाया जा सकता है कि वाहन चालक नियमों के प्रति कितने गंभीर हैं। इसके साथ ही डग्गामार वाहनों में यात्रियों को लटक कर यात्रा करते हुए देखा गया।
यातायात माह में लोगों को जागरूक किया जा रहा है। ओवरलोड, डग्गामार वाहन, नियमों की अनदेखी कर वाहन चलाने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई हो रही है। नियमों का पालन सख्ती से कराया जा रहा है।
रामकृष्ण यादव, प्रभारी निरीक्षक, यातायात
हादसों में हर साल होती है सैकड़ों लोगों की मौत
यातायात नियमों की अनदेखी के कारण होने वाले हादसों में प्रति वर्ष सैकड़ों लोगों की मौत होती है। हजारों लोग घायल होते हैं। फिर भी लोग यातायात नियमों के प्रति जागरूक नहीं हो रहे हैं। इन्हें न तो ट्रैफिक नियमों की परवाह है और न ही खुद की जान की चिंता। हैरत की बात यह कि जिम्मेदार जानते हुए भी अनजान बने हुए हैं। सिर्फ चालान की कार्रवाई नियमों का पालन कराने व हादसों पर अंकुश नहीं लगा पा रही है।
मार्ग दुर्घटना में मृतकों की संख्या:
2017 में 168
2018 में 205
2019 में 220
2020 में 206
2021 में 217
2022 में 286
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