महराजगंज। नेपाल से भारत में प्रवेश करने के लिए 12 बड़े रास्ते हैं। इसमें सोनौली भी एक है। इन दिनों 100 रुपये से ज्यादा के सामान पर नेपाल कस्टम शुल्क ले रहा है। इससे नेपाल के लोगों को परेशानी हो रही है। इससे वे भारतीय क्षेत्र में खरीदारी करने नहीं आ रहे हैं। सीमावर्ती क्षेत्र में कारोबार चौपट होने से नाराज कारोबारी आंदोलन करने की तैयारी में हैं।
व्यापारियों का कहना है कि सिर्फ बेलेहिया सीमा पर ही सख्ती बरती जा रही है। इससे भारत-नेपाल संबंध में खटास आ रही है। कारोबार चौपट हो रहा है। दुकान के लिए बैंक से लिया गया कर्ज भी जमा नहीं हो पा रहा है। कारोबारी सुभाष ने कहा कि नेपाल के कुछ व्यापारी नेपाल चीन और नेपाल पाकिस्तान मैत्री संघ के पदाधिकारी हैं। वह नेपाल कस्टम पर दबाव डालकर संबंधों को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इस पर भारत सरकार को चिंतन करने की जरूरत है।
सोनौली व्यापार मंडल के अध्यक्ष बबलू सिंह ने कहा कि भारत सरकार को इस मामले में तत्परता दिखाते हुए समस्या का निराकरण करना चाहिए। नेपाल भारत मैत्री केंद्र नेपाल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल ने कहा कि नेपाल सरकार को भारत से बिजली, पर्यटन सहित बड़े योजनाओं पर लाभ लेकर देश को विकास में आगे ले जाना चाहिए।
भारत नेपाल मैत्री समाज के अध्यक्ष अनिल कुमार गुप्ता ने कहा कि भारत-नेपाल के मैत्री संबंध में खटास आ सकती है। भारत व नेपाल के सरकार को बैठक कर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। देश विरोधी ताकतों को कमजोर करने की जरूरत है।