जंगल सफारी के लिए टिकट काउंटर के पास खड़े लोग।
महराजगंज। वन क्षेत्र के मनोरम स्थल पर पर्यटक नए साल का जश्न मनाएंगे। जंगल सफारी का आनंद लेने के साथ ही वन क्षेत्र के मंदिरों में पूजा करने लोग जाते हैं। इसके अलावा कुसमहवा कोठी, दर्जिनिया ताल पर लोग पहुंचते हैं। ये सभी स्थान वन क्षेत्र में हैं। नए साल में जो लोग बाहर नहीं जाते हैं, वे जिले में इन रमणीक स्थलों पर भ्रमण कर नए साल का जश्न मनाते हैं।
जिले में पर्यटन स्थलों पर नए साल में लोगों का जमावड़ा होगा। इसे देखते हुए पुलिस ही नहीं वन विभाग भी सतर्क हो गया है। बाइकरों पर पुलिस की विशेष रूप से नजर रहेगी। नशे में कोई हुड़दंग मचाया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की ओर से युवाओं को विशेष रूप से हिदायत दी गई है कि जश्न मनाएं पर नियम कानून का ख्याल रखें। जिले में सभी प्रमुख स्थानों पर पुलिस की पेट्रोलिंग रहेगी। सीमावर्ती क्षेत्र में भी विशेष निगरानी की जाएगी। जिले में देवदह, रामग्राम, दर्जिनिया, गंडक टेलफाल, बोकड़ा देवी मंदिर, कुड़िया देवी मंदिर, चौक क्षेत्र में जंगल सफारी, कुसमहवा कोठी, मधवलिया रेंज, लेहड़ा देवी मंदिर समेत अन्य स्थानों पर लोग नए साल में पहुंचते हैं।
पांच हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैला है दर्जिनिया ताल
दर्जिनिया ताल करीब पांच हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैला हुआ है। मनोरम वादियों के कारण यहां मगरमच्छों के लिए अनुकूल आबोहवा है। प्रत्येक वर्ष इनकी संख्या बढ़ती जा रही है। पिछले वर्ष हुई गणना में इनकी संख्या 350 थी। इस वर्ष इनकी संख्या बढ़कर करीब 450 पहुंच गई है। औसतन हर रोज 150 से 200 पर्यटक ताल पर पहुंचते थे। फरवरी 2023 से अब तक के आंकड़ों को देखा जाए तो औसतन हर रोज 60 से 100 पर्यटक ताल पर पहुंच रहे हैं।