फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharajganj News: दिल्ली, राजस्थान समेत अन्य महानगरों से काठमांडो जाने वाले पर्यटक रहे परेशान

Sun, 24 Dec 2023 12:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
विज्ञापन
सोनौली काठमांडू मार्ग ।
विज्ञापन
महराजगंज। काठमांडो-मुग्लिन नारायण घाट के रास्ते पर काम चल रहा है। इससे शनिवार को भारत के बड़े महानगरों से काठमांडो की यात्रा करने वाले पर्यटकों को दुश्वारियां झेलनी पड़ी। दिल्ली, राजस्थान समेत अन्य शहरों से जाने वाले पर्यटकों की बसें रास्ते में रोक दी गईं। जबकि किनारे से छोटी-गाड़ियों को जाने का रास्ता बनाया गया था। दूर-दराज से आने वाले ट्रक चालक भी परेशान रहे।
विज्ञापन

जानकारी के अनुसार, नारायणगढ़-मुग्लिन मार्ग पर तुईन नदी पर पुल बनना है। कठोर चट्टान के कारण काम करना मुश्किल है। इसलिए विस्फोट कर पहाड़ काटने के लिए सड़क को बंद किया गया है। 60 मीटर ऊंचे पहाड़ को पिछले साल 25 मीटर तक काट दिया गया था। सड़क का शेष 35 मीटर हिस्सा अब काटा जा रहा है। पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निर्धारित समय तक ही काम किया जा रहा है।
सोटो रूपनदेही जिले के अध्यक्ष श्रीचंद्र गुप्ता ने बताया कि काठमांडो और पर्यटक शहर पोखरा को देश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों से जोड़ने वाली नेपाल की मुख्य सड़क मुगलिंग राजधानी की जीवन रेखा है। इस सड़क से हर दिन करीब 15,000 वाहन गुजरते हैं। शनिवार से चार घंटे मार्ग बंद होने से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। काठमांडों जाने वाले यात्री राजमन, दीपक, सहदेव निवासी गुजरात, धीरज, प्रदुम्न निवासी दिल्ली को शाम की बस से काठमांडू के लिए रवाना किया गया है। उन्होंने बताया कि सड़क पर इस व्यवस्था के कारण यात्रियों को होने वाली असुविधा का असर व्यापार के साथ आपूर्ति पर भी पड़ रहा है। गुजरात के सहदेव ने बताया कि काठमांडों जाने के लिए सुबह ही बेलहिया पहुंचा, लेकिन यहां पता चला की आगे काम चल रहा है तो शाम की बस से रवाना होना पड़ा। इसी तरह से अन्य स्थानों से आए पर्यटकों को वक्त गुजारना पड़ा।
विज्ञापन

चितवन इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष सूर्य प्रसाद न्यूपाने ने कहा कि जब मानसून में भूस्खलन और सर्दियों में निर्माण के कारण यातायात बंद हो जाता है, तो व्यापार प्रभावित होता है। सड़क बंद होने की खबर से पर्यटन उद्योग पर और असर पड़ा है। भारत के दिल्ली, गुजरात, राजस्थान, कोलकाता, महाराष्ट्र, बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश के महानगरों से नववर्ष को लेकर भारी संख्या में पर्यटक नेपाल जा रहे हैं। आने जाने के दौरान पर्यटकों को रास्ते में कुछ देर रूकना पड़ रहा है।
-
हाइड्रोलिक जैक हैमर की मदद से तोड़ा जा रहा चट्टान
सूचना अधिकारी कृष्णा आचार्य ने बताया कि रॉक स्प्लिटर, हाइड्रोलिक जैक हैमर की मदद से चट्टान तोड़ा जा रहा है। इस सड़क खंड पर 19 नए पुल बनाने की योजना है, लेकिन अब तक केवल नौ पुल ही चालू हो पाए हैं। आठ पुल अगले दो महीनों के भीतर परिचालन में आने के लिए तैयारी की जा रही है। भारतीय पर्यटकों सहित आम लोगों के लिए यह काठमांडो जाने का मुख्य मार्ग है। वैकल्पिक रास्ते कुछ दूरी के लिए ही है। इस पर भारतीय मालवाहक वाहन और पर्यटक बसों की बहुत भीड़ रहती है। भारतीय पर्यटकों को एक दिन सीमा पर कस्टम कागजात और चार बजे तक रुकने के कारण पूरा दिन खराब हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें