महराजगंज। नेपाल में पहाड़ों पर झमाझम बारिश हो रही है। इसका असर जिले की नदियों पर दिख रहा है। एक बार फिर महाव नाला, प्यास और चंदन नदी खतरे के निशान पर हैं। अन्य नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी नहीं हो रही है। गंडक भी खतरे के निशान से दो मीटर नीचे है।
बाढ़ कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार, नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। गंडक नदी खतरे के निशान से अभी दो मीटर नीचे बह रही है। महाव नाला खतरे के निशान पर है। बारिश के चलते जिले की सभी नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। रोहिन भौराबारी और त्रिमुहानी में कुछ खास बढ़ोतरी नहीं हुई है।
बंधों की सुरक्षा को लेकर सिंचाई विभाग की ओर से निगरानी तेज कर दी गई है। महाव नाले के तटबंध की मरम्मत कराई गई। जलस्तर की निगरानी भी समय-समय पर की जा रही है। बी गैप बंधे की सुरक्षा के प्रति भी गंभीरता बरती जा रही है।
रात में तेज बारिश तो सुबह हल्की, दोपहर में मौसम सामान्य
महराजगंज। सोमवार रात से शुरू हुई बारिश मंगलवार सुबह तक होती है। दोपहर बाद मौसम सामान्य हो गया। बारिश से शहर के कुछ हिस्सों में जलभराव हो गया। लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई। जिले में 48 एमएम तो निचलौल में सर्वाधिक 95 एमएम बारिश हुई। बारिश से शहर के सिविल लाइन मोहल्ले, सदर सीएचसी जाने वाले मुख्य मार्ग पर जलभराव हो गया। इधर से आ रहे दिनेश ने बताया कि हल्की बारिश में समस्या हो जाती है। गांधी नगर, फायर स्टेशन कार्यालय के सामने जलभराव हो गया। वहीं एआरटीओ कार्यालय की ओर से पावर स्टेशन की जाने वाली सड़क कीचड़ से सन गई। नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. पुष्पलता मंगल ने बताया कि शहर में जल निकासी की समस्या दूर कराने के लिए टीम लगी है। जहां समस्या है, त्वरित समाधान कराने का प्रयास किया जा रहा है।