डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही से घट रही मरीजों की संख्या
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिले के नौतनवां और निचलौल क्षेत्र स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को आयोजित हुए आरोग्य मेले में कहीं डॉक्टर ही नहीं पहुंचे, तो कहीं अस्पताल का फाटक बंद रहा। इलाज के लिए पहुंचे मरीज अस्पताल का दरवाजा बंद देख लौट गए। वही, लोगों का कहना है कि डॉक्टरों की लापरवाही और मनमर्जी के चलते आरोग्य मेले में मरीजों की संख्या हर दिन घटती जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, रविवार के दिन भी लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने वाला आरोग्य मेला शासन की महत्वाकांक्षी सेवाएं में है, लेकिन विभाग के जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। रविवार को भारत नेपाल बॉर्डर की सीमा से सटे बरगदवा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का मुख्य दरवाजा 10:55 बजे तक बंद रहा। जबकि चमन टोला गांव के रहने वाले राजू पेंटर बुखार से पीड़ित दो बेटियाें हमीदा खातून (11) और तैयबा (7) को इलाज कराने के लिए पहुंचे थे। बातचीत के दौरान दो बेटियों के साथ अस्पताल आए राजू ने बताया कि वह दोनों बेटियों के इलाज के लिए करीब आधे घंटे से अस्पताल पर खड़े हैं, लेकिन अभी तक अस्पताल पर कोई जिम्मेदार दिख नहीं रहा है। अस्पताल पर जागरूकता के लिए आरोग्य मेले का कोई बैनर भी नहीं लगा था।
सीएचसी रतनपुर के अधीक्षक डॉ. अखिलेश कुमार यादव ने कहा कि आरोग्य मेले के दिन डॉक्टर की तैनाती के साथ निर्धारित समय पर अस्पताल खोलने के लिए जिम्मेदारों को निर्देश है। अगर लापरवाही बरती गई है तो कार्रवाई की जाएगी।
वहीं 12:10 बजे गडौरा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर फार्मासिस्ट सती शंकर और वार्ड ब्वाय एके चौधरी एक कमरे में बैठ मरीजों के आने का इंतजार कर रहे थे। जबकि एएनएम नीलम देवी बरामदे में बैठकर टीवी देखती नजर आई। पूछताछ में फार्मासिस्ट सती शंकर ने कहा कि अभी तक अस्पताल पर आने वाले 12 मरीजों की जांच कर दवा दे चुके हैं। आरोग्य मेले ही नहीं बल्कि किसी भी दिन यहां डॉक्टर नहीं आते है। विगत पांच महीने से चाहे आरोग्य मेला हो या फिर ओपीडी खुद अस्पताल आने वाले मरीजों का इलाज करते है। यहां भी आरोग्य मेले की जागरूकता से संबंधित कोई बैनर नहीं लगा था।
सीएचसी निचलौल के अधीक्षक डॉ. अंग्रेस सिंह ने कहा कि आरोग्य मेले में पहुंचने वाले मरीजों को बेहतर इलाज किया गया। कहीं लापरवाही हुई है तो जांच की जाएगी।