घुघली। घुघली क्षेत्र के बिजली आपूर्ति में गड़बड़झाला है। आसपास के करीब 60 गांवों में बिजली एक सप्ताह से दोपहर बाद आती है। वहीं शहर में समय से आपूर्ति हो रही है। उपभोक्ता बिजली निगम के जिम्मेदारों से कुछ पूछना चाहते हैं तो अवर अभियंता और किसी भी कर्मचारी का फोन भी नहीं उठता है। भुवना, भुवनी बुजुर्ग, घुघली बुर्जुग, खानपुर, मेदनीपुर, पकड़ीयार विशुनपुर, कोटिया, भगड़ा, विश्वनाथपुर, गेडवा, तिलकवनिया गांव की करीब एक लाख की आबादी परेशान है।
उप केंद्र घुघली के ग्रामीण अंचलों के करीब 60 गांवों में सबसे अधिक परेशानी है। जिनके घर बीमार, छोटे बच्चे और बूढ़े हैं उनको ज्यादा परेशानी हो रही है। रविवार को सुबह 9:30 बजे अवर अभियंता के नंबर पर बिजली की जानकारी के लिए पकड़ीयार विशुनुपर गांव के हनुमान गुप्ता ने फोन किया। उस समय जेई का मोबाइल बंद मिला। जब ऑफिस में पता करना चाहे की लाइट कब आएगा तो उधर से उत्तर आया की काम चल रहा है। बिजली कब तक मिलेगी, उपभोक्ता ने पूछा तो जवाब मिला कि पता नहीं और फोन काट दिया। बिरैची गांव के 70 वर्षीय सुब्बा सरीम गर्मी से परेशान रहे। उन्होंने कहा कि बिजली समय से नहीं आ रही है। दोपहर बाद बिजली आती है ताे बीच-बीच में कटौती होती रहती है।
हाथ वाले पंखे से काम चला रहे लोग
इन दिनों उमस भरी गर्मी, तेज व चिलचिलाती धूप से परेशानी हो रही है। राहगीर रास्ते में रूककर हरे पेड़ों का सहारा ले रहे हैं। भुवनी निवासी चन्नर बताते हैं कि बांस से बने पंखे की बिक्री बढ़ गई है। एक दिन में 10 से 15 पंखे बिक रहे हैं। हाथ से बने पंखे की कीमत 50 रुपये है। गर्मी बढ़ने से हाथ वाले पंखे की बिक्री बढ़ी है।