-सड़क व नदी किनारे फेंक दिया जा रहा है कूड़ा
- बरसात में संक्रमण का खतरा, नगर के घरों से निकलता है 70 प्रतिशत कचरा
संवाद न्यूज एजेंसी
घुघली। नगर पंचायत घुघली में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था नहीं है। सड़क व नदी के किनारे कचरे फेंक दिया जाता है। कचरा निस्तारण की ठीक व्यवस्था न होने के कारण संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है। नगर से निकलने वाले करीब साढ़े पांच टन कूडे को सड़क के किनारे फेंक दिया जाता है।
नगर पंचायत से मिली जानकारी के अनुसार, नगर 2011 की जनगणना के अनुसार नगर पंचायत की आबादी 11 हजार है। इसमें 11 वार्ड हैं। इससे नगर पंचायत में प्रतिदिन साढ़े पांच टन कचरा दिनकलता है। इसमें करीब 60 प्रतिशत सूखा, 30 प्रतिशत गीला, 5 प्रतिशत डाई वेस्ट, और 5 प्रतिशत सीसा सूई (खतरनाक) कचरा प्रतिदिन निकलता है। बताया जा रहा है कि इनमें भी करीब 70 प्रतिशत कचरा घरों से निकलता है। जबकि 30 प्रतिशत कचरा व्यवसायिक स्थानों से उठाया जाता है। इ्रस कचसे को छोटी गंढक नदी के बैकुंठी नदी पुल के पास फेंका जाता है। यही नहीं कुछ कचरा तिवारी चौक के करीब गिराया जाता है।
नगर के राकेश जायसवाल, मन्नू रावत, राजन आदि ने कहा कि नगर में निकल रहे प्रतिदिन कचरे को इधर-उधर फेंक देने से संक्रामक रोगों का खतरा बना रहता है। कूड़ा निस्तारण योजना पर पानी फिर गया।
प्रतिदिन नगर में निकल रहे कचरे को रखने की व्यवस्था की जा रही है। क्योंकि जिस स्थान पर डंपिंग ग्राउंड बनना है उस स्थान पर जलभराव है। वहां पर जाने के लिए रास्ते की भी पैमाइश लेखपाल द्वारा कराए गई है। पानी सूखते ही डंपिंग ग्राउंड बनवा दिया जाएगा, जिससे नगर की कचरे से समस्या दूर हो जाएगी।
-बृजेश कुमार गुप्ता, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत घुघली