इसी ट्रक से बरामद हुई थी चंदन की लकड़ी।
महराजगंज। बीते दिनों में बाॅर्डर क्षेत्र में ट्रक व गोदाम से बरामद लाल चंदन की लकड़ी से जिम्मेदारों की कारगुजारी की पोल खुलकर सामने आ रही है। इस प्रकरण को लेकर आनन-फानन में कार्रवाई कर दायित्व की इतिश्री कर दी गई है। सूत्रों की जानकारी को सच माना जाए तो कैविटी वाला ट्रक नेपाल से करीब आठ से 10 बार भारतीय सीमा में प्रवेश किया था। सूत्रों की माने तो जो ट्रक पकड़ा गया है वह इसके पहले भी कई बार खाली भारतीय सीमा में आया था और चला गया था। इसे लेकर संबंधित विभाग के कर्मियों ने जांच करना मुनासिब नहीं समझा। मामला सामने आने के बाद जांच तेज कर दी गई है। नेपाल से खाली ट्रक आने पर 200 रुपये शुक्ल जमा करना पड़ता है। कम रकम जाम कर ट्रक आसानी से आ जाता है।
सूत्रों की बातें अगर सही है तो ट्रक की कैविटी के अंदर लाल चंदन की लकड़ी कई बार नेपाल जा चुकी है। सूत्र बता रहे हैं कि ट्रक चालक को जानबुझकर भगा दिया गया। अगर वह पकड़ में आ जाता तो विभाग के कर्मियों की कथनी करनी की पोल भी खुल जाती। इस मसले पर पर्दा पड़ा रहे, इस वजह से उसे भगा दिया गया होगा। खाली ट्रक का भारतीय सीमा के कई बार जाने की बात सामने आना चिंता का विषय है। जैसे-तैसे कार्रवाई कर विभाग के अधिकारी अपना दामन बचा रहे हैं।
नियम के मुताबिक कैविटी वाले ट्रक जांच हर हाल में होनी चाहिए, लेकिन इसकी जांच तो दूर की बात, अब तक यह नहीं पता चला की लाल चंदन किस ट्रांसपोर्ट से लदा था। क्या नेपाली नंबर के ही ट्रक से लाल चंदन आया था, इसके बारे में सटीक जानकारी नहीं मिल रही है। लाल चंदन लदा नेपाली नंबर वाला ट्रक कहां से आ रहा था, इसके बारे में भी पता नहीं लग सका है। कस्टम के अधिकारी इस मसले पर कुछ कहने से इंकार कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर मामले की जांच की जा रही है।