महराजगंज। जिले में 26 होम्योपैथिक अस्पताल संचालित हो रहे हैं। इनमेंं चार में डॉक्टरों की तैनाती नहीं है। एक दिन के अंतराल पर आसपास के डॉक्टर मरीजों का इलाज करते हैं। बाकी दिन फार्मासिस्ट के भरोसे मरीजों का इलाज हो रहा है।
जिले में वर्तमान में कुल 26 होम्योपैथिक चिकित्सालय हैं। इनमें से 19 निजी भवन में, तीन किराए के भवन में व चार निशुल्क भवन में संचालित होते हैं। इसमें पिपरवास, बृजमनगंज, फरेंदा, घुघली में नियमित डॉक्टर तैनात नहीं हैं। यहां पर आसपास के अस्पतालों के डॉक्टर एक दिन के अंतराल पर मरीजों का उपचार करते हैं। मगर एक अस्पताल की व्यवस्था बनाने के चक्कर में नियमित अस्पताल के मरीज भी प्रभावित होते हैं।
स्टाफ की कमी के कारण ज्यादातर अस्पतालों की हालत खराब है। पिपरवास, बृजमनगंज, फरेंदा, घुघली में डाक्टर की तैनाती ही नहीं हैं। बृजमनगंज के रहने वाले दिनेश ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से यहां डाॅक्टर की तैनाती नहीं है। इससे मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। डाॅक्टर की तैनाती न होने से इलाज कराने के लिए अधिक रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
यही हाल घुघली के होम्योपैथिक अस्पताल का भी है, यहां भी डॉक्टर के अभाव में फार्मासिस्ट इलाज करते हैं। किराए के कमरे में चलने वाले इस अस्पताल में मरीज कभी कभार आते है। नगर के पंकज कुमार ने बताया कि डाॅक्टर की तैनाती न होने से मरीजों की संख्या बेहद कम हो गई है। भुवनी निवासी राम प्यारे ने बताया कि यहां पर डाॅक्टर नहीं है, फार्मासिस्ट के भरोसे इलाज किया जाता है।
जिला होम्योपैथिक अधिकारी डाॅ. राकेश कुमार द्धिवेदी ने बताया कि जहां डाक्टर तैनात नहीं है वहां बगल के अस्पताल के डॉक्टरों से इलाज कराया जाता है।