महराजगंज। वर्ष 2018 में कुशीनगर जिले में सब रजिस्ट्रार पद पर तैनाती के दौरान एक नाबालिग से रेप और मारपीट के मामले में निलंबित चल रहे राकेश राम पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। विशेष न्यायाधीश अनन्य न्यायालय (पॉक्सो) विनय कुमार सिंह द्वितीय की अदालत ने राकेश की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। अब कभी भी उसकी गिरफ्तारी हो सकती है। पुलिस का कहना है कि कोर्ट के आदेश की कॉपी मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, 20 जून 2023 को कुशीनगर की एक युवती ने महराजगंज के तत्कालीन उप निबंधक राकेश राम निवासी कोड़रिया, थाना कोतवाली चंदौली, जनपद चंदौली के खिलाफ केस दर्ज कराया था। केस दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी से पहले ही आरोपी ने हाईकोर्ट की शरण ले ली। हाईकोर्ट ने उसे अरेस्ट स्टे दे दिया, लेकिन साथ ही मामले को निचली अदालत में निस्तारण के लिए भेज दिया। मामले में पुलिस ने राकेश समेत तीन लोगों के खिलाफ 29 अगस्त 2023 को आरोप पत्र दाखिल किया। उसके बाद आरोपी राकेश राम ने 9 फरवरी 2024 कोे अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की। विशेष न्यायाधीश ने अपराध की प्रकृति, अभियुक्त की अपराध में भूमिका, तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करने के बाद आरोेपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
सहायक शासकीय अधिवक्ता विनोद कुमार सिंह ने बताया कि राकेश राम की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त हो चुकी है। इसकी जानकारी पुलिस को भेज दी गई है। वहीं, सदर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार गुप्ता ने कहा कि न्यायालय के आदेश की कॉपी नहीं मिली है। आदेश की कॉपी मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उप निबंधक राकेश राम पर आरोप लगाने वाली पीड़िता का धारा-164 के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान हुआ। बयान में उसने बताया कि वह दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी कर रही है। कुशीनगर जिले की निवासी है। वर्ष 2018 में जमीन के एक मामले में कुशीनगर सब रजिस्ट्री ऑफिस में उपनिबंधक राकेश राम से मुलाकात हुई थी। उसी सिलसिले में अक्सर बातचीत होती। धीरे-धीरे यह बातचीत बढ़ने लगी। एक दिन वह मुझे पीपीगंज में एक शादी में ले गए। वापसी में देर हो गई तो एक होटल में रुके। वहां राकेश ने शादी का झांसा देकर उसके साथ अप्राकृतिक संबंध बनाया। उसके बाद अक्सर वह शारीरिक संबंध बनाने लगा।
पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि राकेश उसे अपने साथ कुशीनगर के अलावा कप्तानगंज, गोरखपुर, दिल्ली, लखनऊ तक ले गए और वहां होटल में शारीरिक संबंध बनाता। इस दौरान उसने उसके प्राइवेट वीडियो व फोटो हासिल कर लिए। और उसे सोशल मीडिया पर डालने की धमकी देकर अपने दोस्तों के साथ भी संबंध बनाने के लिए मजबूर करता। उसके दोस्तों ने भी कई बार उसके साथ संबंध बनाए। पीड़िता के अनुसार, राकेश राम इस्लाम धर्म मानता था और उसे भी धर्म परिवर्तन करने को कहता था। दो वर्ष बाद उसे पता चला कि राकेश शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं। इस बीच राकेश का महराजगंज तबादला हो गया। पीड़िता के अनुसार, 20 जून 2023 को वह अपनी मां के साथ राकेश राम के महराजगंज ऑफिस में 11 बजे पहुंची। वहां उसने अपमानित कर उसे मारापीटा।
मैं निर्दोष, मुझे फंसाया जा रहाआरोपी राकेश राम ने अपने बयान में कहा कि वह निर्दोष है। जान बूझकर, साजिशन फर्जी व मनगढ़ंत कहानी बनाकर, अनुचित लाभ पाने के उद्देश्य से उसे फंसाया गया है। उसने उसे कभी मारापीटा नहीं। न ही कभी धमकी दी। वह सनातन धर्म मानने वाला है। शादी हिंदू रीति रिवाज से हुई है और हिन्दू धर्म के अनुसार ही वह अपना जीवन निर्वाह करता है। अन्य किसी धर्म के प्रति उसका कोई वास्ता नहीं है।