महराजगंज। अधिकारियों की उदासीनता के कारण गैस पाइपलाइन स्टेशन बनाने के लिए फरेंदा में अब तक जमीन नहीं मिली है। वहीं झूलनीपुर में सीलिंग की जमीन भी हैंडओवर नहीं हो सकी है। इन परियोजनाएं कब काम शुरू करेंगी कहा नहीं जा सकता। अधिकारियों ने फाइल आगे बढ़ा कर इतिश्री कर ली। जिले के लोगों को रोजगार के अलावा कारोबारों को आगे बढ़ाने की मंशा पर पानी फिर गया है।
जानकारी के अनुसार, झुलनीपुर में वृहद औद्योगिक आस्थान के लिए सीलिंग की 25 एकड़ भूमि चिह्नित है। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक निगम ने इस पर आस्थान निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है। यहां फोर्टिफाइड चावल, प्लास्टिक कुर्सी, एल्युमिनियम रिंग समेत कई उद्योग विकसित करने की योजना है। इनमें 71 करोड़ रुपये का निवेश होगा। 600 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। निवेश के लिए 28 लोगों ने भूमि मांगा है, लेकिन अभी तक उद्योग विभाग को जमीन ही नहीं मिली है।
शासन में फाइल लटकी हुई है। इसी तरह से महराजगंज समेत पांच जिलों में भी घर-घर पाइप लाइन बिछाने का प्रयास सुस्त है। भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड की ओर से फरेंदा में प्लांट का मुख्य केंद्र बनेगा। महराजगंज जिला मुख्यालय समेत सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, बलरामपुर व बहराइच तक पाइप लाइन के माध्यम से पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) पहुंचाई जाएगी। जिले के वाहन स्वामियों को आसानी से सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) भी मिल सकेगी। 10 हजार करोड़ का निवेश होगा। वहीं लगभग 600 लोगों को रोजगार मिलेगा। इससे गोरखपुर से गुजरने वाली गैस को क्रास कंट्री लाइन से जोड़ा जाएगा। जमीन नहीं मिलने कारण यह परियोजना भी शुरू नहीं हो सकी है।