महराजगंज। आनंदनगर-महराजगंज-घुघली रेल मार्ग बनने की प्रक्रिया तेज हो गई है। ट्रेन किधर से दौड़ेगी, इसकी स्थिति भी जल्द स्पष्ट हो जाएगी। सेंटर लाइन पर सर्वे टीम पिलर लगा रही है। पिलर के 800-800 मीटर दोनों तरफ के दायरे में आने वाली जमीनें ली जाएंगी। घुघली रेलवे स्टेशन से करीब दो किमी तक सेंटर लाइन का पिलर लग चुका है। चार टीम में 16 कर्मी लगे हैं। एक सप्ताह बाद गजट का प्रकाशन होगा।
जानकारी के अनुसार, रेल लाइन के सिविल कार्य के लिए 875.30 करोड़ रुपये, सिग्नल व टेलीकॉम कार्य के लिए 18.17 करोड़ और इलेक्ट्रिकल कार्य के लिए 64.26 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। पूर्वोत्तर रेलवे के इस सेक्शन की रेल लाइन के तैयार होने में 958.27 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। रविवार को घुघली रेलवे स्टेशन से सर्वे टीम प्रक्रिया पूरी करते हुए आगे बढ़ी। टीम के सदस्य सेंटर लाइन का निर्धारण कर रहे थे जबकि मजदूर पिलर लगा रहे थे। पास से गुजर रहे नर्वदेश्वर ने बताया कि आने-वाले दिनों में क्षेत्र की तस्वीर बदल जाएगी। घुघली कस्बा भी जिला मुख्यालय व फरेंदा तक रेल मार्ग से जुड़ जाएगा। सर्वे टीम के सदस्यों ने बताया कि सर्वे के दौरान क्षेत्रवासियों को विशेष सहयोग मिल रहा है। बहुत कम लोग ऐसे मिल रहे हैं, जिनके बोलचाल में विरोधाभास हो। क्षेत्र में टीम जरूरी प्रक्रिया पूरी करने में जुटी रही। 53 गांव से होकर ट्रेन गुजरेगी, इसमें चार गांव के क्षेत्र में सेंटर लाइन बन चुकी है।
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रेल लाइन बनाने के प्रयासों को कई बार लगा झटका
गोरखपुर जिले से दो अक्तूबर 1989 को अलग होकर महराजगंज जिला बनने के बाद यहां के 30 लाख लोगों को विकास की आस बढ़ गई थी। प्रस्तावित 52.7 किमी लंबाई की इस रेल लाइन को बनाने के प्रयासों को कई बार झटका लगा, लेकिन केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने इस बार हार नहीं मानी। प्रधानमंत्री कार्यालय से लेकर रेल मंत्रालय के अफसरों व मंत्री स्तर तक वार्ताओं का दौर चलता रहा। आखिरकार, इस रेल लाइन को हरी झंडी मिल गई। जिले के लोगों में इसे लेकर खुशी है। अब काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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बदल जाएगा लोगों का जीवन स्तर
शहर के वरूण पटेल कहते हैं कि जिला मुख्यालय के लोगों को 60 किमी दूर गोरखपुर जाकर ट्रेन पकड़नी पड़ती है। जिले की व्यावसायिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। नई लाइन बिछने के बाद यहां के लोगों का जीवन स्तर बदल जाएगा। अभी 20 किमी घुघली और 30 किमी फरेंदा जाने के बाद ही ट्रेन की सुविधा मिलती है।
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नया वैकल्पिक रेलमार्ग मिल जाएगा
पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) को आनंदनगर-महराजगंज-घुघली के रूप में नया वैकल्पिक रेलमार्ग मिल जाएगा। आम लोगों की राह आसान तो होगी ही, गोरखपुर जंक्शन का लोड भी कम हो जाएगा। गोरखपुर-गोंडा-नरकटियागंज के रास्ते बिहार और असम आदि से दिल्ली और पंजाब के बीच चलने वाली मालगाड़ियों का संचालन घुघली-आनंदनगर-बढ़नी-गोंडा के रास्ते शुरू हो जाएगा। रास्ते में बिना रुके मालगाड़ियां चलेंगी।
सर्वे तेजी से हो रहा है। सेंटर लाइन पिलर जल्द लग जाएगा। दोनों तरफ करीब 800-800 मीटर जमीन रेलवे ट्रैक के दायरे में आएगी। सेंटर लाइन से यह निर्धारित हो रहा कि रेलवे ट्रैक इसी रास्ते से ही गुजरेगा। राजस्व टीम भी अपना काम रही है। एक दिन में करीब दो किमी तक पिलर लग पा रहा है।
-मुकेश कुशवाहा, सर्वेयर, रेलवे
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पिलर लगने पर एक सप्ताह के बाद गजट प्रकाशित होगा। उसमें गाटा संख्या भी दर्शाया जाएगा। इससे लोगों को यह पता चल जाएगा की किसकी कितनी जमीन दायरे में आ रही है। राजस्व टीम जरूरी औपचारिकता पूरी करने में जुटी है। सर्वे 15 दिसंबर तक पूरा जाएगा। इसके बाद प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी।
-मदन मोहन वर्मा, भूमि अध्याप्ति अधिकारी