मानक की अनदेखी से आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर सड़क निर्माण बंद कराया,
रात में सड़क का हो रहा था निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज/निचलौल। क्षेत्र के निचलौल सिंदुरिया मार्ग से हरदी गांव की नहर पटरी होते हुए निचलौल चिऊटहा मार्ग स्थित सिधावे नहर पुल तक बन रही सड़क हाथ से उखड़ जा रही है। जगह जगह घास निकल आई है। मानक विहीन काम होता देखकर ग्रामीणों ने रविवार सुबह काम रुकवा दिया। उसके बाद सड़क निर्माण में धांधली का आरोप लगाते हुए विभाग के जिम्मेदार और ठेकेदार के खिलाफ विरोध जताने लगे। निर्माणाधीन सड़क पर घंटों विरोध करने के बाद ग्रामीण जिम्मेदारों को निर्माण कार्य में सुधार लाने की नसीहत देने के बाद घर लौट गए। लापरवाही बरतने पर इन लोगों ने जिला मुख्यालय पर आंदोलन करने की चेतावनी दी।
ग्रामीण रामभवन, सोहन कसौधन ने कहा कि लाखों रुपये की बजट वाली सड़क में धांधली चरम सीमा पर है। यह किसी को कहने की जरूरत नहीं है। अभी सड़क का निर्माण कार्य पूरा ही नहीं हुआ है, लेकिन सड़क पर घास उगने लगी है। सड़क पर हरियाली दिख रही है। विरोध जता रहे हरदी गांव के ग्रामीण अमरजीत भारती, विद्यासागर यादव, फिरोज खान, गोविंद, सुबास आदि ने कहा कि लोगों की सुविधाओं के लिए करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी और 3.75 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। सड़क निर्माण में विभाग के जिम्मेदार और ठेकेदार मनमानी कर रहें हैं।
सड़क निर्माण में धांधली कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। कई बार शिकायत के बाद भी सड़क निर्माण में सुधार नहीं किया जा रहा है। हद तो तब हो गई जब जिम्मेदार सड़क को रात के अंधेरे में मनमानी तरीके से निर्माण कराना शुरू कर दिया। जिम्मेदारों की मनमानी चरम पर देख रविवार सुबह मौके पर पहुंच निर्माण कार्य को रुकवा दिया गया। फिर जल्द सुधार न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
इस संबंध पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता धर्मवीर विश्वकर्मा ने कहा कि मामले की जानकारी मिली है। निर्माण कार्य का प्रतिदिन निरीक्षण किया जा रहा है। अगर निर्माण कार्य में कहीं लापरवाही बरती जा रही है। तो जल्द सुधार कराया जाएगा।
निर्माण पूरा होने से पहले उखड़ने लगी सड़क
ग्रामीण गया भारती, मुन्नू ने कहा कि सड़क निर्माण में धांधली का आलम इस कदर है कि एक तरफ जहां सड़क का निर्माण कार्य प्रगति पर है। तो वही दूसरे तरफ निर्माण सड़क की गिट्टियां उखड़ने लगी हैं। ऐसे में सड़क निर्माण पूरा होने तक करीब आधी सड़क की गिट्टियां उखड़ बिखर जाएंगी। वही लोगों और सरकार के उम्मीदों पर ठेकेदार विभाग के कुछ जिम्मेदारों से मिलीभगत कर पानी फेर रहे हैं।