106.89 करोड़ की लागत से बन रहा गोपाला में बिजली घर अब संचालित नहीं हो सका, उसमभरी गर्मी में कटौती से नहीं मिल रही राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। गोपाला में बिजली घर बनने का काम अंतिम चरण में है। तय समय से चार माह का वक्त गुजर गया, लेकिन जिले में निर्बाध बिजली पाने का सपना अधूरा रह गया। उमस भरी गर्मी से बेहाल लोगों को बिजली कटौती से राहत नहीं मिल सकी। 106.89 करोड़ की लागत से बन रहा गोपाला में बिजली घर अब तक संचालित नहीं हो सका है। जबकि अफसरों का कहना है कि गोरखपुर गीडा से कनेक्शन नहीं होने के कारण बिजली घर संचालित होने में समस्या हो रही है। पावर हाउस संचालित होने के बाद से जिले के पड़ोसी जिले कुशीनगर में भी बिजली की समस्या दूर हो जाएगी।
जानकारी के अनुसार, गोपाला में उच्च क्षमता 220 केवी का बिजली उपकेंद्र निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। ज्यादातर काम पूरा हो चुका है। अधिकारियों की लापरवाही के कारण पावर हाउस संचालित नहीं हो सका है। इस बिजली घर से कुशीनगर जिले के 132 केवी लक्ष्मीपुर बिजली घर को सप्लाई होगी। गोपाला से लक्ष्मीपुर बिजली घर तक लाइन पहुंचाने के लिए पोल व तार लग चुके हैं। 220 केवी गोपाला बिजली उपकेंद्र से महराजगंज के 132 केवी बैकुंठपुर और 132 केवी निचलौल बिजली घर के अलावा कुशीनगर जिले के 132 केवी लक्ष्मीपर बिजली घर को सप्लाई होगी। निर्माण की कुल लागत 106.89 करोड़ रुपये है।
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आने वाले दिनों में दूर होगी समस्या
गोपाला बिजली घर से 33 केवीए उप केंद्र सिसवा, घुघली को आपूर्ति दी जाएगी। इन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बेहतर हो जाएगी। 132 केवीए महराजगंज की ओवरलोडिंग दूर होगी।
आठ लाख की आबादी को होगा फायदा
जिले की सदर, निचलौल क्षेत्र के अलावा कुशीनगर जिले की पडरौना तहसील क्षेत्र की करीब आठ लाख की आबादी को इससे लाभ मिलेगा। इन क्षेत्रों में निर्बाध बिजली मिलेगी।
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वर्ष 2019 में शुरू हुआ था बनना
गोपाला में बिजली वर्ष 2019 में बनना शुरू हुआ था। मार्च 2023 में इसे पूरा हो जाना चाहिए, लेकिन कुछ काम अधूरा होने के कारण संचालित नहीं हो सका है। बिजली निगम के अधिकारियों के अनुसार काम तेजी से हो रहा है। जल्द पूरा हो जाएगा।
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तय समय से 14 माह ज्यादा गुजर गया
नौनियां गांव में करीब दो वर्ष पहले उत्तर प्रदेश पाॅवर ट्रांसमिशन काॅरपोरेशन लिमिटेड की ओर से 132/33 केवी की क्षमता के विद्युत उपकेंद्र के लिए निर्माण कार्य शुरू हुआ था। इसकी लागत करीब 40 करोड़ रुपये है। कार्यस्थल पर लगे बोर्ड के मुताबिक निर्माण कार्य को 30 जून 2022 को ही पूरा करना था, लेकिन अब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि काम सुस्त गति से हो रहा है। ज्यादातर काम पूरा नहीं हुआ है। काम की गति देखकर लग रहा है कि अभी ज्यादा वक्त लगेगा। परिसर में नवनिर्मित भवन में सीमेंट की बोरियां रखी हुई हैं।
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विकास कार्यों को तेजी से कराने के लिए अधिकारी गंभीर नहीं हैं। अगर बिजली घर तय समय के अंदर बन कर तैयार हुआ होता तो इस समय बिजली की आपूर्ति शुरू हो गई होती।
मनौवर अली, हरखपुरा
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बिजली घर का निर्माण शुरुआत से ही धीरे-धीरे हो रहा है। सरकार तो बेहतर काम करना चाह रही है, लेकिन अधिकारियों के ध्यान नहीं देने के कारण काम में तेजी नहीं आ सकी। पता नहीं कब तक बनकर तैयार होगा।
-रामगोपाल यादव, हरखपुरा
निर्बाध बिजली मिलने की मंशा पूरी नहीं हो सकी है। पावर हाउस के संचालन में पता नहीं किन कारणों से देरी की जा रही है। समस्या पता नहीं कब तक दूर होगी।
अजय राज कसौधन, व्यापारी
जिले में बिजली की समस्या होने के कारण उद्योग धंधे बेहतर ढंग से संचालित नहीं हो पाता है। पावर हाउस शुरू हो जाता तो निर्बाध बिजली मिलती।
फूलचंद अग्रवाल, व्यापारी
गोपाला पावर 20 अगस्त से शुरू हो जाएगा। इसके लिए जरूरी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गीडा से कनेक्शन जल्द जुड़ जाएगा। जिले में निर्बाध बिजली मिलने की राह आसान हो जाएगी।
राजेश कुमार, उप खंड अधिकारी, बिजली निगम