फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharajganj News: बैंक की बंधक बनाई मिल से मालिक जबरन उठा ले गए मशीन

Wed, 28 Feb 2024 02:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
विज्ञापन
विज्ञापन
महराजगंज।
विज्ञापन

कर्ज की रकम नहीं चुकाने पर बैंक द्वारा बंधक बनाई गई राइस मिल से मिल मालिक जबरन मशीन निकलवा ले गए। बैंक कर्मियों ने रोकने का प्रयास किया तो पुरंदरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत पैसिया निवासी मिल मालिक उनसे झगड़े पर उतर आए। इस मामले में पुलिस ने न्यायिक मजिस्ट्रेट फरेंदा के आदेश पर मंगलवार को दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।

केनरा बैंक शाखा असुरन चौक जिला गोरखपुर के शाखा प्रबंधक वैभव सिंह ने न्यायिक मजिस्ट्रेट फरेंदा में वाद दाखिल किया था। उसमें बताया था कि महराजगंज जिले के पुरंदरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत पैसिया निवासी रेहान रजा और अहमद रजा प्रोपराइटर मेसर्स भारत एग्रो इंडस्ट्रीज ने 10 जनवरी 2015 को राइस मिल की स्थापना के लिए मशीनरी और अन्य सामग्री के लिए 2.25 करोड़ का लोन सिंडिकेट बैंक की असुरन चौक शाखा, जिला गोरखपुर से लिया था। रेहान रजा बैंक का लोन समय से नहीं चुका रहे थे। इस कारण 24 जुलाई 2018 को एनपीए घोषित कर दिया गया। इसी बीच 4 मार्च 2020 को सिंडिकेट बैंक का विलय केनरा बैंक में हो गया। उसके बाद कैनरा बैंक प्रबंधन ने पूरी प्रक्रिया के तहत का भारत एग्रो इण्डस्ट्रीज की उक्त भूमि, मकान और मशीनों को अपने कब्जे में ले लिया। इसकी जानकारी संस्थान के मालिक को भेजी गई, तो 21 मार्च 2022 को रेहान रजा अपने भाई अहमद रजा के सहयोग से फर्म से गैस कटर की मदद से मशीनों को काटकर एक ट्रक पर रखवा कर ले जाने लगा। घटना की सूचना मिलने पर बैंक कर्मियों ने रोकने का प्रयास किया तो वे झगड़े पर उतर गए। इसके बाद बैंक प्रबंधन ने पुलिस को तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। हार कर बैंक ने कोर्ट की शरण ली, जहां में मंगलवार को पुलिस को मिल मालिक व उसके भाई के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया। पुलिस ने कहा कि संस्थान के मालिक रेहान रजा और उनके भाई अहमद रजा निवासी पैसीया थाना पुरंदरपुर के खिलाफ केस दर्ज कर जांच पड़ताल की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पहले भी हो चुकी है ऐसी धोखाधड़ी
चौक थाना क्षेत्र के टीकर गांव निवासी जमालुद्दीन ने उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड की निचलौल शाखा से मुर्गीपालन के लिए तीन लाख रुपये का कर्ज लिया था। इसके लिए उसने अपनी तीन जमीनें बैंक में बंधक रखीं लेकिन जमालुद्दीन ने बैंक का कर्ज लौटाए बिना बंधक रखी जमीन को धोखाधड़ी से बेच दिया। शाखा प्रबंधक शैलेश कुमार त्रिपाठी ने पुलिस को मामले की तहरीर दी, जिसपर केस दर्ज किया गया। संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें