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Maharajganj News: बिहार से नेपाल बॉर्डर तक फैला है गेहूं तस्करों का नेटवर्क

Mon, 13 May 2024 11:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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महराजगंज। गेहूं तस्करों का नेटवर्क नेपाल से बिहार तक फैला हुआ है। बड़े पैमाने पर गेहूं नेपाल और बिहार पहुंचाकर तस्कर चांदी काट रहे हैं। कड़ी कार्रवाई न होने के चलते इस अवैध धंधे पर लगाम नहीं कस पा रहा है। इसका नतीजा यह है कि जिले के क्रय केंद्र सूने पड़े हैं।
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बार्डर एरिया में पड़ताल में पता चला की खुले में गेहूं का रेट सरकारी दर से ज्यादा है। गेहूं 2300 से 2350 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा जा रहा है, जबकि सरकारी क्रय केंद्र पर गेहूं का रेट 2275 रुपये है। नेपाल में यह गेहूं पहुंचते ही तीन से चार हजार प्रति क्विंटल हो जाता है। बार्डर से जितनी दूरी बढ़ती है, रेट भी बढ़ता जाता है। गेहूं तस्करी के खेल में बड़ा सिंडिकेट काम रहा है। कुछ धंधेबाज ऐसे हैं जाे बिहार भेज रहे थे। यह खेल मंडी से हो रहा है, लेकिन जिम्मेदारों को पता नहीं है। इस धंधे में जुड़े लोग जो कम खतरा मोल लेते हैं, वे बिहार गेहूं भेजकर मुनाफा कमाते हैं। सीमावर्ती इलाके में ज्यादातर धंधेबाज नेपाल ही भेजते हैं।
सूत्रों की मानें तो इस पूरे खेल में नियमाें के झोल का फायदा तस्कर उठा रहे हैं। बिहार में गेहूं का रेट 2430 रुपये क्विंटल है। बिहार से लगे सीमा क्षेत्र में धंधेबाजों ने गोदाम बना रखा है। धंधेबाज, महराजगंज से गेहूं खरीदकर बिहार बॉर्डर पहुंचाते हैं, यहां से नेटवर्क में शामिल लोग ट्रक लेकर आगे बढ़ते हैं। सूत्रों की माने तो बिहार के नाम पर बनी फर्म में बैंकिंग का सारा लेन देन महराजगंज जिले में हो रहा है। जिले से हर दिन 25 ट्रक गेहूं की खरीद फरोख्त हो रही है।
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हर दिन का कारोबार करीब एक करोड़ रुपये है। इसमें कुछ धंधेबाज डेढ़ प्रतिशत मंडी शुल्क की धड़ल्ले से चोरी कर रहे हैं। मंडी में सही तरीके से कारोबार करने वाले व्यापारी इससे काफी परेशान हैं। उन्होंने बताया कि धंधेबाज, एक ट्रक में 30 टन गेहूं लोड करते हैं। बाजार में 2300 रुपये क्विंटल गेहूं बिक रहा है। एक क्विंटल गेहूं में 35 रुपये की शुल्क की बचत होती है। इस प्रकार धंधेबाजों को एक ट्रक में करीब आठ से 10 हजार रुपये की कमाई हो रही है। नौतनवा मंडी में एक व्यापारी ने बताया कि इस समय सख्ती बढ़ गई है, इस वजह से गेहूं नेपाल न जाकर दलालों के माध्यम से देवरिया भेजा जा रहा है, वहां से बिहार तक पहुंच जाता है।
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तस्कर कैरियर का सहारा लेने लगे हैं
नेपाल सीमा से लगने वाली महराजगंज जनपद की 84 किलोमीटर सीमा पूरी तरह से खुली हुई है। इस रास्ते से बिना रोक-टोक दोनों देश के लोग आते-जाते हैं। पिछले एक माह से तस्करों ने अनाज तस्करी शुरू कर दी है। जब गेहूं की बड़ी खेप पकड़ी जाने लगी तो तस्करों ने पैंतरा बदल दिया। तस्कर कैरियर का सहारा लेने लगे हैं। बेरोजगारों को पकड़कर 200 रुपये बोरी दे रहे हैं। उन्हें साइकिल से गेहूं इस पार से उस पार करना होता है, जितने चक्कर उतने रुपये मिल जाते हैं।
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क्षेत्र में जांच के लिए टीम लगाई गई है। यहां अभी कोई पकड़ा नहीं गया है। बिहार में मंडी शुल्क नहीं लगता है। टीम लगी है, इसकी गहना से जांच कराई जाएगी। अगर ऐसा मामला मिलेगा तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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-आशीष कुमार नायक, मंडी सचिव, नौतनवा
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