बी गैप बांध के ठोकर संख्या 14 पर जिम्मेदारो को कार्य में लापरवाही को दिखा नाराजगी जताते स्वतंत्
बांध पर मानक के विपरीत एवं धीमी गति से चल रहे कार्यों को देखकर जताई नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जल शक्ति एवं जल संसाधन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने शनिवार की सुबह बिहार के रास्ते बाल्मिकी नगर बैराज होते हुए नेपाल राष्ट्र में नारायणी नदी के बी गैप बांध पर पहुंचे। बांध पर चल रहे कार्यों को देखा। बांध पर मानक के विपरीत एवं धीमी गति से चल रहे कार्यों के प्रति नाराजगी जताई। कहा कि जिस तरह की तैयारी होनी चाहिए वह नहीं दिख रही है। उन्होंने स्थिति में सुधार करते हुए 15 जुलाई तक कार्य पूर्ण करने की हिदायत दी।
जल शक्ति एवं जल संसाधन मंत्री ने कहा कि नेपाल राष्ट्र के पहाड़ों से निकलने वाली नारायणी नदी नेपाल के नवलपरासी जिले के सुस्ता नगर पालिका से होकर भारतीय सीमा क्षेत्र में प्रवेश करती है। बरसात के दिनों में नदी से सटे गांवों को सुरक्षित रखने के लिए नदी के तटों पर बी गैप, ए गैप व नेपाल बांध का निर्माण किया गया है। इसकी देखरेख की पूरी जिम्मेदारी भारत सरकार की है। ऐसे में बाढ़ से बचने के लिए हर वर्ष सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर बांध की मरम्मत कराती है।
इसी के क्रम में इस वर्ष भी क्षतिग्रस्त बी गैप बांध के ठोकर संख्या 6 से लेकर 14 तक और नेपाल बांध के ठोकर संख्या 1,2 तथा 5 पर मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। जिम्मेदारों को कार्य में सुधार लाते हुए 15 जुलाई तक बांध मरम्मत का कार्य पूरा करने की चेतावनी दी। इस दौरान इन्होंने बांध के किनारे नदी की धारा को कम करने के लिए बनाये जा रहे नए टेक्नोलॉजी टेट्रापोल को भी देखा। कहा यह टेक्नोलॉजी पहले समुद्र के किनारे लगाए जाते हैं, लेकिन अब इसका प्रयोग गंडक नदी पर भी किया जा रहा है। ताकि नदी में आने वाले बाढ़ को रोका जा सके। सिंचाई खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता राजीव कपिल ने नक्शे के द्वारा नारायणी नदी के बारे में मंत्री को अवगत भी कराया। इस अवसर पर मुख्य अभियंता प्रथम एवं मुख्य अभियंता गंडक आलोक जैन, अधीक्षण अभियंता सिंचाई कार्य मंडल द्वितीय गोरखपुर केके राय,असिस्टेंट इंजीनियर अनिल कुमार सिंह, संजय प्रताप मल्ल, अवर अभियंता रविंद्र यादव आदि मौजूद रहे।