महराजगंज। बुधवार को दिनभर सूरज आग उगलता रहा। इससे जहां धरती तपती रही वहीं मानव तथा पशु-पक्षी भी बेहाल दिखे। लोग गर्मी से बचने के लिए छायादार वृक्षों की ओट खोजते दिखे। पारा 44 डिग्री रहा, लेकिन लोगों को 45 डिग्री गर्मी का एहसास हुआ।
नौतपा समाप्त होने के बाद भी गर्मी लोगों को रुला रही है। स्थिति यह हो गई है कि दिन में जहां कड़क धूप से बचने के लिए लोग तरह-तरह का जतन कर रहे हैं। वहीं रात में उमस भरी गर्मी से नींद पूरी नहीं हो रही है। नींद न पूरी होने से लोग हाइपर टेंशन, चिड़चिड़ापन के शिकार हो रहे हैं। लगातार पानी पीने के चलते लोगों की भोजन से भी अनिच्छा हो गई है। मंगलवार को पूरी रात लोग उमस से बेचैन रहे।
सुबह हुई तो राहत की जगह तेज धूप से बेहाल दिखे। अधिकतर लोग तो गर्मी के कारण अस्पताल जाकर जांच कराए। क्योंकि उन्हें बेचैनी और गला सूखने की शिकायत थी। जांच के बाद उन्हें चिकित्सकों ने नींबू पानी, ओआरएस, ग्लूकोज मिश्रण मिलाकर ठंडे पानी के सेवन की सलाह दी। निर्माण कार्य में लगे दिहाड़ी के मजदूरों को खासी परेशानी हुई। बताया कि तेज गर्मी के कारण कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है। पशुपालन करने वाले सुबह-शाम पशुओं को बाहर घुमाना बंद कर चुके हैं। ताल तलैया में पानी न होने के चलते उन्हें घर ही पशुओं को नहलाना और पानी सेवन कराना पड़ रहा है।
पशुओं ने चारा खाना कम कर दिया है। सब्जी उत्पादन करने वाले किसान हर दिन की सिंचाई के कारण परेशान हैं। उन्हें सब्जी की सिंचाई की बढ़ी लागत के कारण अधिक मूल्य पर बेचनी पड़ रही है। जवाहर लाल नेहरू स्मारक पीजी काॅलेज के भूगोल विभागाध्यक्ष दिवाकर सिंह ने कहा कि राजस्थान की ओर से आ रही गर्म हवाओं के कारण उमस बढ़ी है। तेज धूप के कारण लोगों को काफी परेशान होना पड़ रहा है। अभी उष्णता बढ़ने की संभावना है।