महराजगंज। क्षेत्र के कुंवारीसती गांव में एक बेसहारा महिला का पहले आशियाना उजाड़ा, फिर पति की मौत में मिले अनुदान की रकम हड़पने वाला प्रधान पति का धोखाधड़ी से गहरा नाता है। सूत्रों की माने तो प्रधान पति इसके पहले सगी बुआ सहित कई लोगों को धोखे में रखकर लाखों रुपये की जमीन हड़प ली है। इतना ही नहीं प्रधान पति का गांव में सत्ता होने के चलते सरकारी योजनाओं में भी जमकर मनमानी की जा रही है।
प्रधान पति के एक करीबी की माने तो प्रधान पति तीन भाइयों में सबसे बड़ा है। वह अमीन के साथ ही बहुत शातिर दिमाग भी रखता है। एक दशक पहले प्रधान पति भाइयों से अलग होकर परिवार के साथ रहने लगा। प्रधान पति की एकलौती बुआ दुर्गावती की शादी गांव के ही टोला पकड़ीहवा निवासी भोली के साथ हुई थी। भोली थोड़ा मानसिक रूप से कमजोर है। बुआ के ससुर की मौत के बाद पूरी संपत्ति भोली के नाम हो गई। इसी बीच फूफा भोली की संपत्ति पर प्रधान पति की नजर पड़ गई।
फिर प्रधान पति ने बुआ को झांसे में लेकर फूफा के लिए रिक्शा खरीदा। उसके बाद धोखे में रखकर पूरी संपत्ति को अपने नाम करा लिया। बताया जा रहा है की वर्तमान में प्रधान पति की बुआ दुर्गावती पति भोली के साथ नंदलाल वर्मा के जर्जर मकान में गुजर बसर कर रही हैं। इतना ही नहीं करीब चार वर्ष पहले प्रधान पति ने ढेकावे निवासी शक्ति कपूर को झांसे ले लेकर ठूठीबारी सड़क के पास स्थित जमीन का बैनामा करीब सात लाख उधार के तौर पर करा लिया। उसके बाद रकम देने से इंकार कर दिया।
मामले में पीड़ित की ओर से शिकायत करने और काफी प्रयास के बाद किसी तरह लगभग एक लाख रुपये लौटाया। बाकी के बचे रुपये हड़प लिया। इतना ही जिस भूमि पर प्रधान पति ने मकान का निर्माण कराया है वह भूमि भी गांव के ही रहने वाले रामलक्षण की थी। उनकी भी पूरी जमीन हड़प लिया। रामलक्ष्मण मजबूर होकर नेपाल चले गए, जो आज तक वापस लौट के नहीं आए। आगे बताया की प्रधान पति का वर्तमान में गांव में सत्ता है। गांव में आने वाली सरकारी योजनाओं में भी प्रधान पति की ओर से जमकर मनमानी किया जा रहा है। गांव में तमाम पात्र लाभार्थियों के होने के बावजूद भी प्रधान पति की ओर से अपात्र पटीदारों में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दे दिया गया।