महराजगंज। श्यामदेउरवां क्षेत्र के ग्राम सभा धनहा नायक निवासी बच्ची की मौत मामले में जेल से जमानत पर छूटकर घर पहुंचा झोलाछाप ने सोमवार को अपने समर्थकों के साथ पीड़ित के घर धावा बोल दिया। आरोप है कि केस वापस लेने के लिए दबाव बनाने लगे। मृतका के पिता और रिश्तेदारों को मारने पीटने की कोशिश की। इससे पीड़िता का पूरा परिवार सहमा है।
जानकारी के अनुसार, धनहा नायक निवासी मुनीब निषाद की 6 वर्षीय बेटी अंकिता को एक अक्तूबर को बुखार हो गया था। परिजन इलाज के लिए ले जा रहे थे। तभी घर से थोड़ी ही दूर पर स्थित एक झोलाछाप ने उन्हें रोक लिया और कहा कि लाइए हम इलाज कर दे रहे हैं। झोलाछाप ने अंकिता को इंजेक्शन लगाया और कुछ दवा देकर घर भेज दिया। आरोप है कि झोलाछाप के इंजेक्शन लगाने से बच्ची को सूजन हो गया।
धीरे-धीरे सूजन के साथ-साथ उसका दर्द बढ़ता गया। बृहस्पतिवार को मध्यरात्रि अंकिता की हालत बिगड़ने लगी। परिजन उसे लेकर परतावल बाजार में स्थित दो तीन निजी अस्पताल ले गए, लेकिन किसी ने उसका इलाज नहीं किया। इसके बाद उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया जहां पहुंचने से पहले ही बच्ची ने दम तोड़ दिया। परिजन शव लेकर घर पहुंचे और इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पिता ने आरोप लगाया कि झोलाछाप के गलत इलाज के कारण ही बच्ची की मौत हुई है। उन्होंने डाॅक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी झोलाछाप को हिरासत में ले लिया और अगले ही दिन शांतिभंग की आशंका में उसका चालान कर दिया। जमानत पर छुटने के बाद आरोपी घर आ गया। सोमवार को वह अपने 25-30 समर्थकों के साथ पीड़ित परिवार के घर पहुंचा और मामले में सुलह समझौता करने का दबाव बनाने लगा। आरोप है कि उसने पीड़ित परिवार को मारने पीटने की कोशिश भी की। पीड़ित परिवार ने घर में छुपकर अपनी जान बचाई।
थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बिसरा सुरक्षित है। मामले में तहरीर मिलने पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।