- जर्जर विद्यालयों की दशा को सुधारने का होगा प्रयास
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत जिले के जर्जर परिषदीय व माध्यमिक विद्यालयों की बदहाली को दूर किया जाएगा। योजना के तहत ऐसे ही विद्यालयों को लाभ मिलेगा जो अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्र में हो एवं पूरी तरह जर्जर हों।
प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम का उद्देश्य अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सोलर पैनल, खेल, कौशल विकास समेत अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास करना है। इसके लिए दो वर्ष पहले भी प्रस्ताव भेजा गया था, मगर उस पर ध्यान नहीं दिया गया। कोरोना काल में स्थिति जस की तस बनी रही। अब नए सिरे से योजना को क्रियान्वित किया जा रहा है। ऐसे में अब जर्जर परिषदीय व माध्यमिक विद्यालयों के पुर्ननिर्माण कराने के लिए प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा गया है। प्रस्ताव भेजे जाने के बाद सुधारात्मक दृष्टि से न सिर्फ पहल होगी, बल्कि विद्यालयों के सुधर जाने से उसमें अध्ययनरत बालक-बालिकाओं को भी लाभ मिल सकेगा।
जर्जर अवस्था में चिह्नित हैं कुल लगभग 300 विद्यालय
जिले के परिषदीय व राजकीय माध्यमिक विद्यालयों की बात करें तो कुल लगभग 300 विद्यालय ऐसे हैं जिन्हें जर्जर की श्रेणी में रखा गया है। माध्यमिक के 20 से अधिक व शेष परिषदीय विद्यालयों को अब नए सिरे से प्रस्ताव बनाकर देना होगा।
इन सुविधाओं के बहाली का होगा कार्य
विद्यालय में स्मार्ट क्लास, कक्षा-कक्ष, स्कूल भवन, पथप्रकाश, पेयजल विकास समेत अन्य बुनियादी कार्यों को कराने पर जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही खेल मैदान का विकास करने व आरओ प्लांट स्थापित करने की दिशा में भी कार्य करना है।
जन विकास कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों की मुश्किलों को कम करने व विद्यालयों की दशा को सुधारने की पहल करनी है। इस दिशा में प्रयास किया जाएगा।
कन्हैया यादव, प्रभारी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
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प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्र में विद्यालयों की बदहाली को दूर कराने का कार्य होगा। जर्जर विद्यालयों का विवरण जुटाने के निर्देश दिए गए हैं।
सत्येंद्र कुमार, जिलाधिकारी
संतोष