अखिल भारतीय मध्यान भोजन रसोइया महासंघ का धरना प्रदर्शन सोमवार को जिला मुख्यालय पर हुआ। धरना में नवीनीकरण के साथ ही रसोईयो के खाते में धन भेजने, बिना सूचना के प्रधानाचार्य द्वारा रसोइया को निकाल देने आदि समस्याओं को लेकर हुई। धरना प्रदर्शन का संचालन रामनाथ भारतीय ने किया। धरना को संबोधित करते हुए मंडल अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार रसोइयो के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। हर वर्ष रसोइयों का नवीनीकरण किया जाता है। जबकि संघ इसका हर बार विरोध करता है लेकिन शासन रसोइया के मांग को नहीं देख रहा है। उन्होंने ने कहा कि सरकार बनने से पहले सभी सरकार कहती है कि रसोइया को भी राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाऐगा। लेकिन सरकार बनने के बाद रसोइया की समस्या को ध्यान नहीं दिया जाता। इससे साफ होता है कि सरकार के कथनी करनी में अंतर होता है। उन्होंने कहा कि अब तो सरकार से आर पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि सरकार रसोइयो की मांगों को पूरा नहीं करती है और संख्या के आधार पर निकाली गई रसोइया को बहाल नहीं किया गया तो जिला मुख्यालय पर आमरण अनशन करने को बाध्य होगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन व प्रदेश सरकार की होगी। विनोद कुमार ने कहा कि सरकार एक तरफ तो गरीब, बेरोजगार व महिलाओं की बात करती है और दूसरी तरफ मध्यान भोजन योजना में लगे गरीब रसोइयो को परेशान किया जा रहा है। संख्या को आधार बनाकर उन्हें विद्यालय से निकाल दिया जा रहा है। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष संध्या देवी, पार्वती देवी, श्रीराम निषाद, मिश्रीलाल, सुकुन सहित तमाम रसोइया मौजूद रही।