भिटौली। स्थानीय दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित रामलीला में कलाकारों ने सीता स्वयंवर और धनुष यज्ञ का मंचन किया। भगवान राम के धनुष तोड़ने पर सीता ने राम के गले में जयमाल डालकर उनका वरण करतीं हैं। दर्शकों ने राम और सीता पर फूलों की वर्षा करते हुए जयकारे लगाए। सीता के स्वयंवर में देश भर के राजा, महाराजा, राजकुमार और योद्धा शामिल हुए। सभी ने शिव धनुष को उठाने की कोशिश की लेकिन वे इसे हिला तक नहीं सके। अंत में महर्षि विश्वामित्र की आज्ञा से राम उठे और धनुष को उठा कर जैसे ही प्रत्यंचा चढ़ाने की कोशिश की धनुष टूट गया। धनुष टूटने और राम के गले में सीता के वरमाला डालते ही देवताओं ने फूलों की वर्षा की। संवाद