महराजगंज। जिला अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में आने वाले मरीजों में किशोर की आंखों में ज्यादा समस्या मिल रही है। इसका कारण मोबाइल फोन का ज्यादा उपयोग करना है। 10 से 15 किशोर रोजाना इस समस्या से पीड़ित आ रहे हैं। उनको चश्मे के साथ दवा भी दे रहे हैं।
जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेष डॉ. मनीष निगम ने बताया कि स्मार्टफोन चलाने के दौरान बच्चे अक्सर अपनी पलकें भी नहीं झपकते, जिससे आंख को पूर्ण रूप से आराम नहीं मिल पाता इसे कंप्यूटर विजन सिंड्रोम कहते है। ऐसे में बच्चे नेत्र रोग का शिकार बन जाते हैं। मोबाइल फोन की लत प्राय हर वर्ग के लिए बेहद हानिकारक है। देखा जाए तो कम उम्र में बच्चों की सबसे ज्यादा मां-बाप के प्यार और देखभाल की जरूरत होती है ऐसे में माता पिता अपने बच्चों के साथ अधिक से अधिक समय बताएं। जिससे बच्चों का ध्यान मोबाइल की तरफ धीरे धीरे कम होता जाएगा। मोबाइल फोन के ज्यादा इस्तेमाल से आंखें सीधे प्रभावित होती है। जिससे बच्चों को कम उम्र में नजर कम होना, चश्मा लगना या नंबर बढ़ना, आंखों में जलन, सूखापन एवं थकान इत्यादि की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि ओपीडी में कम उम्र में स्मार्टफोन का ज्यादा इस्तेमाल करने वाले किशोर नेत्र रोग से पीडित आ रहे हैं।