महराजगंज। बच्चों को बेहतर ढंग से पढ़ने के लिए शिक्षक संदर्शिका पुस्तक शिक्षकों को दी जानी थी, लेकिन यह स्टोर की शोभा बढ़ा रही है। पुस्तक में इस बात का उल्लेख है कि बच्चों को कैसे रोचक ढंग से पढ़ाया जाए। पुस्तक स्कूल तक तो दूर की बात बीआरसी स्तर पर भी नहीं पहुंची है। वहीं अधिकारियों के अनुसार पुस्तक शिक्षकों तक पहुंच गई है। दूसरी ओर शिक्षक पुस्तक नहीं मिलने की बात कह रहे हैं।
परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह बदलने की तैयारी है। इसके लिए शिक्षकों को भी छह-छह किताबों का एक सेट भी देने की व्यवस्था की गई है। यह किताबें शिक्षकों को पढ़ाने के तरीके बताएंगी। एनसीईआरटी ने इस बार कक्षा एक से तीन तक के लिए सहज नाम से पुस्तकें भेजी हैं। कक्षा एक के लिए सहज-1, कक्षा दो के लिए सहज-2 और कक्षा तीन के लिए सहज-3 किताबें आई हैं। सहज में कक्षा के हिसाब से भाषा और गणित विषय की सामग्री दी गई है, जिसका मकसद बच्चों में भाषा और गणित का विकास करना है। इसके अलावा पहली बार उक्त कक्षाओं को पढ़ाने वाले हर शिक्षक के लिए छह-छह किताबों का सेट भेजा गया है। इन किताबों का नाम आधारशिला क्रियान्वयन संदर्शिका रखा गया है। हर कक्षा के लिए एक किताब, भाषा और एक गणित विषय पर आधारित है। इस प्रकार कक्षा एक से तीन तक के लिए कुल छह किताबों का एक-एक सेट हर शिक्षक के लिए आया है। बच्चों के लिए आई सहज पुस्तिका को कैसे पढ़ाना है? यह सब आधारशिला क्रियान्वयन संदर्शिका में दिया गया है। यानी सहज पुस्तिका को पढ़ाने के लिए शिक्षकों को आधारशिला क्रियान्वयन संदर्शिका पुस्तिकाओं का गहन अध्ययन करना होगा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्रवण कुमार गुप्ता ने बताया कि पुस्तकों का वितरण करा दिया गया है। अगर ऐसी बात है तो इसकी जांच की जाएगी।